साहित्यिक संध्या: नलिन श्रीवास्तव व प्रेम सागर की पुस्तकों का विमोचन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शहर के श्याम नगर स्थित वरिष्ठ ग़ज़लकार नलिन श्रीवास्तव के आवास पर एक सादगीपूर्ण लेकिन गरिमामय साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें आधा दर्जन साहित्यिक कृतियों का विमोचन एवं लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विद्वानों ने पुस्तकों पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कन्नौज के वरिष्ठ साहित्यकार उमाशंकर वर्मा साहिल ने की, जबकि संचालन स्वयं नलिन श्रीवास्तव ने किया। आयोजन दो चरणों में संपन्न हुआ—पहले चरण में पुस्तकों की समीक्षा और दूसरे चरण में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और श्रीमती प्रीति पवन तिवारी की वाणी वंदना से हुआ। इसके बाद भूपेंद्र प्रताप सिंह ने नलिन श्रीवास्तव के कहानी संग्रह ‘कुमुदिनी’ की समीक्षा की। वहीं डॉ. राजकुमार सिंह, रामबाबू मिश्र रत्नेश, कृष्णा कुशवाहा, डॉ. शशि किरण सिंह सहित अन्य विद्वानों ने भी पुस्तकों पर अपने विचार रखे।
इस दौरान नलिन श्रीवास्तव की ‘चित्र अतीत के’ और ग़ज़ल संग्रह ‘बादल धुंयें के’, उनके पिता स्व. कैलाश नारायण श्रीवास्तव की कृति ‘भीगे पलक’ तथा प्रेम सागर चौहान के दोहा संग्रह ‘एक लौ कई रोशनी बाद’ और ग़ज़ल संग्रह ‘तन्हाई के पल’ का विमोचन किया गया।
दूसरे चरण में आयोजित काव्य गोष्ठी में प्रीति पवन तिवारी, भारती मिश्रा, नलिन श्रीवास्तव, डॉ. गरिमा पांडेय, डॉ. राजीव गुप्ता, रत्नेश पाल, प्रेम सागर चौहान, बीके सिंह ‘किशोर’, रामशंकर अवस्थी ‘अबोध’, राजेश हजेला और उपकार मणि ‘उपकार’ सहित कई कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला, संस्कार भारती के अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह समेत अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।