फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) नगर की प्रमुख साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था अभिव्यंजना के तत्वावधान में साहित्यकार आचार्य वचनेश के जन्म दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन का आयोजन लोहाई रोड स्थित डॉ. रजनी सरीन के आवास पर किया गया।
गोष्ठी में डॉ. रजनी सरीन ने कहा कि आचार्य वचनेश मिश्र का जन्म 8 मई 1932 में हुआ था वह हिन्दी साहित्यकार थे। उन्होने नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा सम्पादित हिन्दी शब्द सागर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह उदार, शालीन, काव्यक्षेत्र में परंपरावादी, अछूतोद्वार पक्षपाती, विधवा-विवाह-समर्थक, तलाक प्रथा को प्रेम के लिए हानिकारक समझने वाले, दहेज विरोधी थे। वह भूत प्रेत व शकुन-अपशकुन को नहीं मानते थे। उन्होंने कवि कोविद संघ की स्थापना कर साहित्यकारों को जोड़ने का कार्य किया। उनके पूर्वज पहले जिला हरदोई के नौगाँव सुठिआएँ में रहते थे पर बाद में फर्रुखाबाद चले आये थे। भारती मिश्रा ने आचार्य वचनेश अभिव्यंजना द्वारा प्रकाशित वचनेश रचनावली ग्रंथ पर चर्चा जी की। इस दौरान संस्था के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह, महेश पाल सिंह ,सन्तोष पाण्डेय , रामअवतार शर्मा इंदु ,प्रभात अवस्थी , रविंद्र भदौरिया , दिनेश अवस्थी ,संजय गर्ग ,उत्कर्ष अग्निहोत्री, ब्रजकिशोर सिंह किशोर ,अनिल प्रताप सिंह, अरविंद दीक्षित समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
साहित्यकार आचार्य वचनेश को जन्मदिवस पर किया याद
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