सरकार के पलटने के पीछे सिब्बल-चिंदबरम जैसे खलनायक: केजरीवाल

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नई दिल्ली। अभी-अभी एक बड़ी खबर रामलीला मैदान से आ रही है। अन्ना के करीबी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ये बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सरकार को ना तो अन्ना की चिंता है औऱ ना ही देश में फैलते भ्रष्टाचार की।

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अरविंद केजरीवाल ने साफ तौर आरोप लगाया कि जनलोकपाल के बारे में चिंदबरम और कपिल सिब्बल तैयार नहीं हुए इसलिए सरकार अपने वादे से पलट गयी। अरविंद केजरीवान ने साफ तौर पर कहा कि सरकार बिल्कुल अपने पुराने रवैये में नजर नहीं आयी, कल की बात से लगा कि वो हमसे बात करके हम पर एहसान कर रहे हैं। जिसके पीछे सबसे बड़े कारण सिब्बल और चिंदबरम हैं।

आज दिन में 12 बजे टीम अन्ना और सरकार के बीच गुरूवार को एक बार फिर बातचीत होनी है। लेकिन केजरीवाल ने कहा कि अगर सरकार कोई नतीजा नहीं निकालना है तो उनसे मीटिंग करने का कोई फायदा नहीं है हालांकि बैठक पर फैसला कोर कमेटी की बैठक के बाद होगा।

केजरीवाल ने कहा है कि हमें बताया गया है कि सीसीपीए की बैठक में चिदंबरम और सिब्बल ने सिविल सोसायटी से बातचीत का विरोध किया था। जिसके चलते सरकार अपने सारे वादो से मुकर गयी है। केजरीवाल ने कहा कि अगर प्रणव मुखर्जी की बात ही सीसीपीए में नहीं सुनी जाती तो फिर सवाल यह है कि बातचीत किससे की जाए। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सरकार पर अब भरोसा नहीं है इसलिए जब भी कोई सरकार बैठक करे तो वीडियो रिकॉर्डिग होनी चाहिए।

केजरीवाल ने कहा है कि विपक्षी पार्टी भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि उसका भी जनलोकपाल बिल पर रूख साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह वामपंथी दलों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, उसी तरह भाजपा को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए।

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