सरकार अब हड़ताली राज्यकर्मियों पर दिखाएगी सख्ती

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STRIKEलखनऊ: सरकार अब बेमियादी हड़ताल जारी रखने पर अड़े कर्मचारियों से सख्ती से निपटेगी। इसके लिए रणनीति भी तैयार कर ली गई है। मुहर्रम की वजह से अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। मोहर्रम ड्यूटी पर तैनात पीएससी को सरकारी दफ्तरों पर तैनात कर दिया गया है। सोमवार को कार्यालय खुलने पर कामकाज में किसी भी तरह का व्यवधान डालने वाले हड़तालियों को बक्शा नहीं जाएगा।

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हड़ताल के सातवें दिन दफ्तर खुलने पर सरकार को चौतरफा घेरने के लिए कर्मचारियों ने रविवार को रणनीति बनाई। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने सभी जिलों के कर्मचारी नेताओं को आंदोलन और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

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जवाहर भवन आज करेंगे सभा : सरकार जहां कर्मचारियों की एकजुटता तोड़ने की कोशिशें कर रही वहीं, हड़तालियों ने एका दिखाने के लिए प्रतिदिन एक सभा करने की योजना बनाई है। इसी के तहत सोमवार को जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में जुटने का एलान किया गया है। अधिकार मंच के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव के अनुसार लखनऊ में तैनात सभी हड़ताली कर्मचारियों की पहली सार्वजनिक सभा जवाहर भवन होगी।

आखों की जांच होगी ठप :
18 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से चिकित्सकीय सेवाएं ठप करने की रणनीति के तहत पहले दिन हड़ताली आंखों की जांच और ऑपरेशन सहित सभी सुविधा बंद कर देंगे। राजकीय आप्टोमेट्रिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएम सिंह के अनुसार सभी नेत्र परीक्षण अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इस निर्णय से अब मरीजों और सरकार की मुश्किलें बढ़नी तय है। 19 को मरीजों का पर्चा बनाने वाला समूह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी और 20 नवंबर को इसीजी, टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन की आपातसेवा के कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। 20 नवंबर को नर्सेज एक शिफ्ट में ही काम करेंगी जबकि 24 नवंबर को सरकार के महाअभियान पल्स पोलियों में भी राज्य कर्मचारी शामिल नहीं होंगे।

पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम : कर्मचारी संगठनों द्वारा सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं बाधित करने और जवाहर भवन में प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किये हैं। इन स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात किये जाएंगे। रविवार को एडीजी/आइजी कानून-व्यवस्था राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि तोड़फोड़ और कानून का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 20 नवंबर को कर्मचारियों द्वारा सभी जिला मुख्यालयों पर रैली निकाले जाने के दौरान भी सभी पुलिस अधीक्षकों को कड़े पहरे की हिदायत दी गई है।

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