सरकारी दफ्तरों में नाम उर्दू में भी लिखने का फरमान जारी

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साढ़े आठ माह पूरे होने के बाद सपा सरकार का ध्यान अब सरकारी कार्यालयों में लगी नेम प्लेट में उर्दू के इस्तेमाल न होने पर गया है। अब आदेश जारी किया है कि नेम प्लेट पर नाम व पद हिंदी व उसके नीचे उर्दू में लिखा जाए।

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सरकार ने कहा है कि सरकारी कार्यालयों के नेमप्लेट हिंदी तथा उसके नीचे उर्दू में लिखे जाने के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति संतोषजनक नहीं है। प्रमुख सचिव भाषा प्रभात कुमार सारंगी ने सभी प्रमुख सचिवों को पत्र लिख कर कहा है कि कार्यालयों का नाम और अधिकारियों के नाम व पदनाम हिंदी के साथ उर्दू में भी लिखे जाएं।

असल में वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने एक आदेश जारी कर सभी सरकारी दफ्तरों में हिंदी के साथ साथ उर्दू में भी पट्ट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन बसपा राज में इस आदेश पर ठीक से अमल नहीं हुआ और इस काम में ढिलाई आ गई। अब सरकार ने नए सिरे से आदेश जारी किए हैं। यद्यपि अधिकांश सरकारी कार्यालयों में यह परंपरा पहले से ही जारी है।

 

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