संस्कार भारती के कार्यक्रम में गीतों से समां बाँधा

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फर्रुखाबाद। नवभारत सभाभवन में आयोजित पण्डित ललन पिया राष्ट्रीय संगीत महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंडित भगवान दास शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। बच्चों ने इस दौरान विभन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
ललन पिया राष्ट्रीय संगीत महोत्सव के क्रम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें जिले की कई नामी हस्तियों ने शिरकत की। पण्डित ललन पिया की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि फर्रुखाबाद रही है। इनका जन्म फर्रुखाबाद में भाद्र पद कृष्ण पक्ष पंचमी विक्रम संवत 1813 में हुआ  था। बचपन से उन्हें संगीत में रुचि थी। वे भगवान श्रीकृष्ण के भक्त थे। वह स्वयं उत्कृष्ट गायक भी थे। उन्हें लय और ताल की विषेश जानकारी थी। उन्होंने मल्हार गीत, गजलें आदि भी लिंखीं। उनके द्वारा लिखित प्रमुख ग्रंथ ललन सागर, ललन सुधाकर, ललन प्रभाकर, ललन फाग आदि हैं। 70 वर्ष की आयु में विक्रम सम्वत 1883 सन 1926 को ललन पिया का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।
इस दौरान संस्कार भारती से जुड़े बच्चों ने विभिन्न  प्रकार के गीत गाकर माहौल को संगीतमय कर दिया। ललन पिया हाजी विलायत अली संगीत अकादमी की युवतियां नीतू, शिखा शुक्ला, गौरी दीक्षित, नंदिनी मिश्रा, सोनी वर्मा, सुचिता वाजपेयी, आस्तिकी मिश्रा ने स्वागत गीत गाकर कार्यक्रम को शुरू किया। संगीत निर्देशक विद्याप्रकाश दीक्षित, गिटार नीरज शुक्ला, तानपुरा कुमारी पूजा गुप्ता ने वाद्यन यंत्र बजाकर सहयोग किया। संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक आचार्य ओमप्रकाश मिश्र कंचन ने कार्यक्रम का संचालन किया। मनोज मिश्रा ने मंच की व्यवस्था देखी।
इस दौरान मुख्य अतिथि पण्डित भगवानदास शर्मा दिल्ली, कार्यक्रम अध्यक्ष योगेंद्र मोहन गुप्त, विशिष्ट अतिथि , श्रीमती मिथलेश अग्रवाल अध्यक्ष नगर पालिका कायमगंज, स्वागताध्यक्ष डा0 रजनी सरीन, विद्या प्रकाश दीक्षित, अबधेश कुमार द्विवेदी, विनय अग्रवाल, समरेन्द्र शुक्ल, अनुभव सारस्वत, अभिनव सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

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