शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनकर हर्षित हुए श्रोता

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शहर के रेलवे रोड़ स्थित पांडेश्वर नाथ मन्दिर में चल रही श्री रामकथा में सोमवार को शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग की कथा सुनाई, जिसे सुनकर श्रोता हर्षित हो उठे।
कथावाचक आचार्य अम्बरीश जी महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। ऐसा विवाह इससे पहले कभी नहीं हुआ था। शिव दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे। एक-दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे, उनकी शादी में बड़े से बड़े और छोटे से छोटे लोग सम्मिलित हुए। सभी देवता तो वहां मौजूद थे ही, असुर भी वहां पहुंचे। आमतौर
पर जहां देवता जाते थे, वहां असुर जाने से मना कर देते थे और जहां कहीं भी असुर जाते थे, वहां देवता नहीं जाते थे, क्योंकि उनकी आपस में बिल्कुल नहीं बनती थी पर यह शिव का विवाह था, जिसमें सभी लोगों ने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक साथ आने का मन बनाया। शिव पशुपति का मतलब बताते हुए कहा कि इसका मतलब सभी देशों के देवता भी हैं। इसलिए सभी जानवर, कीड़े, मकोड़े और सारे जीव उनके विवाह में शामिल हुए। यहां तक कि भूत, पिशाच और विक्षिप्त लोग भी बराती बनकर पहुंचे। यह एक शाही शादी थी, एक राजकुमारी की शादी हो रही थी। विवाह का ये प्रसंग सुनकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस दौरान अमित मिश्रा, विशाल गुप्ता, तुला राम, महेश्वर सिंह,अनिल अरोड़ा, रामबिहारी अग्निहोत्री, प्रमोद दीक्षित, प्रिंश शुक्ला, कोमल पाण्डेय आदि रहे|

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