शिक्षक की हत्या के विरोध में दूसरे दिन भी स्कूल में लटकते रहे ताले

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teacher kaimganjकायमगंज (फर्रुखाबाद) : राम नगर के कुडरिया में दिन दहाडे शिक्षक की गोली मारकर हत्या किये जाने के विरोध में नगर व ग्रामीण अंचलों के विद्यालयों में ताले लटके रहे। जिसके चलते विद्यालय आये छात्र छात्राओं को जहां बैरंग घर वापस लौटना पडा। वहीं सभी विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं, चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों एवं रसोईयों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने निर्दोषों को फंसाने की भी आलोचना की।
शनिवार को नगर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय काजम खां में नगर व ग्रामीण अंचलों के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकायें अपने अपने विद्यालय बंद करके एकत्र हो गये। बंद विद्यालयों के बाहर पढ़ने आये बच्चों की भीड़ नजर आयी। छात्र एवं छात्रायें स्कूलों के बाहर स्कूल खुलने का इंतजार पूरे करते रहे। इधर पूर्व माध्यमिक विद्यालय काजम खां में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की बैठक में बोलते हुए नगर अध्यक्ष जयपाल सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक की गोली मारकर हत्या निन्दनीय अपराध है। जिसकी हम सभी शिक्षक निन्दा करते है और मांग करते हैं कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये। वहीं शिक्षक रामशंकर दीक्षित ने कहा कि शिक्षक के कत्ल में 14 लोगों को नामजद किया जाना अपने आप में संदेह जनक है।

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उन्होंने कहा कि पुलिस को दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए दोषियों को कड़ा दण्ड देना चाहिये। प्रधान अध्यापक नाजिमउद्दीन खान ने कहा कि शिक्षक आनन्द राजपूत की हत्या से पूरा शिक्षक समाज जहां एक तरफ आहत है वहीं वह दूसरी तरफ अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है। क्योंकि दूर दराज क्षेत्रों में तन्हा आना जाना ऐसे में अपने आप में एक बड़ा खतरा है। जब कि दिन दहाडे स्कूल के नजदीक गांव में ही शिक्षक को घेरकर उसकी हत्या कर देें। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द वास्तविक दोषियों को पकड़ा जाये और उन्हें ऐसी कठोर सजा दी जाये जिससे कभी कोई किसी शिक्षक की तरफ बुरी नजर से देखने तक का साहस न कर सके। इस दौरान मो0 फहीम खां, राशिद अली, आविदा वेगम, राजकुमारी शाक्य, सुमनलता, मधु पालीवाल, अश्विनी कुमार अग्निहोत्री, महेश प्रकाश शर्मा, रामरतन, राधारानी गुप्ता, बटेश्वर दयाल, वीरेन्द्र सिंह, गयाप्रसाद पाठक, विनोद कुमार तिवारी, रशीद खां आदि शिक्षक, शिक्षिकाओं और शिक्षामित्रों की उपस्थित रही।

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