शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर डिजिटल हाजिरी का किया विरोध

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)परिषदीय स्कूलों में सोमवार सुबह शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति पंजिका में हाजिरी दर्ज कराने का विरोध किया। जिले के शहर और ग्रामीण
क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर अध्यापन कार्य कराया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भूपेश पाठक के नेतृत्व में शिक्षकों नें काली पट्टी बांधकर डिजिटल उपस्थिति का विरोध दर्ज कराया| संगठन 8 जुलाई से 11 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगा| 11 जुलाई को ज्ञापन दिया जायेगा|

संगठन नें की यह प्रमुख मांगे
1:-बेसिक शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
2:-शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह विभाग से सामूहिक बीमा दिया जाए|
3:-बेसिक शिक्षकों व उनके आश्रित परिवार के सदस्यो को अन्य कर्मचारियों की तरह सरकार की तरफ से स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाए
4:-बेसिक शिक्षकों की अन्य विभाग की तरह 15 सीएल,15 हाफ सीएल और 30 ईएल प्रदान की जाए
5:-बेसिक शिक्षकों का हर साल जनपदीय व अंतर्जनपदीय म्यूचुअल ट्रांसफर के अतिरिक्त स्वतंत्र ट्रांसफर हो|
6:-बेसिक शिक्षक सबसे ज्यादा दुर्गम रास्तो से गुजर कर प्रातः 7 बजे विद्यालय पहुँचता है क्यों न उसके लिए विद्यालय परिसर में आवासीय सुविधा प्रदान की जाए|
7:-हर एक विद्यालय को कम से कम एक क्लर्क,तकनीकी स्टाफ व मानक के अनुरूप शिक्षक स्टाफ कक्षा-कक्ष दिए जाएं व बच्चों के बैठने हेतु पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध कराया जाए
8:-बेसिक शिक्षक नियमावली के अनुसार उचित समय पर हर शिक्षक को प्रोमोशन दिया जाए
9:-बेसिक शिक्षकों से सिर्फ शिक्षण कार्य ही लिया जाए अन्य गैर बिभागीय कार्यो में न लगाया जाए
10:-बेसिक शिक्षकों के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों व अन्य विभागों में भी ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था की जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाये।
जिलाध्यक्ष भूपेश पाठक नें बताया डिजिटल उपस्थिति सरकार की अव्यवहारिक व्यवस्था है| शिक्षकों के विद्यालयों की भौगोलिक स्थित देखकर निर्णय लेना चाहिए था| संगठन इस निर्णय का विरोध कर रहा है|

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