शिकायतों का पुलिंदा, निस्तारण की बाजीगरी

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) हिम्मत है तो बुलंद कर आवाज का अलम, चुप बैठने से हल नहीं होने का मसअला जिया जालंधरी का यह शेर शिकायत कर्ता सचिन दीक्षित पर एक दम फिट बैठती है| एक लम्बे अन्तराल से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के प्रयास में शिकायत दर शिकायत करनें के बाद भी सरकारी हुक्मरान शिकायत को अपनी कागजी बाजीगरी की चक्की में पिसकर पाउडर बनाते चले आ रहें है| जिम्मेदार आलाधिकारियों को भी गुमराह करनें से बाज नही आ रहे है| फरियादी की अब दरकार यह है कि अब शिकायत करनें की जगह कोई बची नहीं| जाँच और आदेशों के भवरजाल में फंसी सरकारी जमीन खुद प्रधान के ससुर से कब्जा मुक्त नही हो पा रही है|


दरअसल विकास खंड कमालगंज के ग्राम दानमंडी निवासी सचिन दीक्षित नें जिलाधिकारी कार्यालय आकर शिकायत की| जिसमे कहा कि प्रधान के ससुर शिवरतन निवासी दानमंडी निकट की ग्राम सिरौंज के मजरा फरीदापुर में आरक्षित भूमि पर कब्जा कर रखा है| लेखपाल ज्योति शर्मा, कानून-गो अतुल प्रताप सिंह प्रधान से मिलकर आरक्षित भूमि को कब्जा मुक्त नही करा रहें हैं| वर्तमान में इस भूमि पर आलू खड़ा है|

11 दिसंबर को हुए थे एफआईआर करानें के आदेश
सचिन की शिकायत के बाद तहरीर सदर नें बीते 11 दिसंबर 2024 नें सरकारी भूमि पर कब्जा करनें वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनें के आदेश दिये थे| लेकिन तहसीदार का आदेश भी हवा हो गया|

सीएम हेल्पलाइन, तहसीलदार, एसडीएम व डीएम से कई बार हो चुकी शिकायत
शिकायत कर्ता सचिन दीक्षित के बाद शिकायतों की लम्बी श्रंखला है| एक मोटी फाइल बन नही है| शिकायत सीएम हेल्पलाइन, तहसीलदार, एसडीएम व डीएम से भी कई बार की| लेकिन सरकारी भूमि से को कब्जा मुक्त नही कराया गया| मामले में फिर के बार जिलाधिकारी से शिकायत की गयी है| तहसीलदार सदर श्रद्धा पाण्डेय नें बताया कि मामले को गंभीरता से दिखवाया जायेगा| भूमि को कब्जा मुक्त कराया जायेगा|






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