शहीद कमलेश की बेटियों को आज 11 साल बाद भी अफजल की फांसी का इंतिजार

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फर्रुखाबाद: आज से ठीक 11 वर्ष पूर्व देश की संसद पर हुए हमले में सीआरपीऍफ़ 88 बटालियन की सिपाही कमलेश कुमारी शहीद हो गयीं थीं । उस समय मां की गोद में खेलने वाली  कमलेश की बेटी श्वेता अब कक्षा 8 में पहुँच गई है और पांचवें में पढने वाली ज्योति अब बीएससी में है। लेकिन 11 साल बाद भी संसद पर हमले के आरोपी अफजल को फांसी नहीं हुई। फर्रुखाबाद में रह रही कमलेश कुमारी की बेटियां और पिता इसे लेकर आज भी दुखी हैं।

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कमलेश कुमारी ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले में अपने प्राण न्योछावर कर फर्रुखाबाद का नाम ऊंचा किया था। उस समय उनकी बेटियां बहुत छोटी थीं। मां के शहीद होने की खबर आई तब वे अपने नाना के पास थीं। इन 11 सालों में उनकी बेटी ज्योति अब बीएससी में पहुँच गई है, और छोटी बेटी श्वेता कक्षा 8 में। इतना समय गुजर जाने के बावजूद लोकतंत्र के सर्वोच्‍च मंदिर पर हमला करने वाले आतंकी अफजल गुरु को अब तक फांसी नहीं हो पाई। शहीद मलेश की बेटियां इस स्थिति से बहुत दुखी हैं। शहीद कमलेश के परिजनों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए प्रशासन ने उसे बड़ी धनराशि व पेट्रोल पंप तो दिया है, लेकिन परिजन अफजल गुरु को फांसी न दिए जाने से आहत है।

दूसरी ओर शहीद बेटी कमलेश कुमारी के पिता राजा राम के जज्बे को भी सलाम करना होगा जिसने अपनी बेटी की शहादत के बाद भी अपने तीनों बेटों को सुरक्षा बालों में भेजा। उनके पुत्र और कमलेश के छोटे भाई सीआरपीऍफ़ में और विवेक और मनोज एसएसबी में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में लगे हैं।

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