शुक्रवार को राजेपुर के गांव जसूपुर गढि़या में विजय कुमार सिंह, उनके पुत्र सुखेंद्र सिंह व पुत्री जूली को जान गंवानी पड़ी। इससे पूर्व इसी क्षेत्र के गांव गांधी में 16 अगस्त को अशोक कुमार की टूटे पड़े तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। राजेपुर कस्बा में 12 सितंबर को पूर्व सैनिक रामकिशन की भी एचटी लाइन के टूटे पड़े तार की चपेट में आकर मौत हुई थी। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सिरोली में 21 अगस्त की रात को एचटी लाइन का तार टूटकर गिरने से दरवाजे पर बंधी अवधेश की भैंस मर गई थी, छुड़ाने के प्रयास में अवधेश के पुत्र अनुज को जान से हाथ धोना पड़ा था। इस हादसे में चार लोग करंट से झुलस गए थे। इसी गांव के मजरा मानपुर में सात सितंबर को हरिश्चंद्र राजपूत की विद्युत करंट से मौत हो चुकी है। मोहम्मदाबाद में 28 अगस्त को संतोष कुमार सक्सेना, फतेहगढ़ के मोहल्ला तलैया लैन में रघुपाल सिंह, नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव गढि़या बबुरारा में 31 अक्टूबर को अभिनंदन सिंह उर्फ अभिनेंद्र की एचटी लाइन की चपेट में आकर मौत हो गई। इसके अलावा शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव समसपुर भिखारी में 28 सितंबर को एचटी लाइन का तार टूटकर गिरने से राजेंद्र कुमार के 10 बीघा गन्ने के खेत में आग लग जाने से हजारों की फसल राख हो गई थी।
जर्जर विद्युत तारों ने लीं तीन माह में 10 लोगों की जान
फर्रुखाबाद : जिले की जर्जर विद्युत लाइनों के तार टूटकर गिरने की आये दिन घटनाएं होना आम बात हो गई है। टूटी जर्जर लाइनों व अन्य विद्युत हादसों में विगत तीन माह में दस लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इसके अलावा खेतों में खड़ी हजारों की फसल भी जलकर नष्ट हो चुकी है।
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