फर्रुखाबाद: अब चोरनी को तो पता नहीं था कि जिसके झोले पर वो हाथ साफ़ कर रही है वो कप्तान साहब के दफ्तर में बाबू है| और मालूम भी हो जाता तो क्या वो अपने पेशे से गद्दारी करती? फ़िलहाल शशि ने पुलिस वाले की पत्नी की जंजीर, झुमकी के अलावा तीन अंगूठी अन्य दाम पैसे साफ़ कर अपनी तो दिवाली मना ली| संदेह के आधार पर बस में सफ़र कर रही एक अन्य महिला शशि को पकड़ा गया जो खुद को बेगुनाह बता रही है|
पुलिस कप्तान के दफ्तर में लिपिक ब्रजभूषण अपनी पत्नी को बस अड्डे पर छोड़ने गए थे| उनकी पत्नी हरदोई जा रही थी| वो बस में बैठ ही पाई थी कि अचानक उसकी नजर अपने सामान पर पड़ी तो पर्स गायब मिला| पड़ोस में एक अन्य महिला शशि पर आरोप लगा तो हंगामा मच गया| मामला पुलिस वाले का था सो शशि पकड़ कर कोतवाली आई| शशि ने बताया कि उसका माल जेवर लेकर तो दूसरी महिला ले गयी होगी उसे बेवजह पकड़ा गया है| गुरसहायगंज निवासी शशि का पति शिवशंकर फतेहगढ़ जेल में हत्या के आरोप में बंद है| शशि का कहना है कि वो अपने पति से जेल में मुलाकात करने के लिए आई थी| खबर लिखे जाने तक पुलिस कोतवाली में बिरादरी का माल गायब होने का प्रसाद शशि को दे रही थी|
वर्दी वाले की बीबी का माल जेवर साफ़ हुआ साफ़
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