नई दिल्ली। भड़काऊ भाषण मामले में वरुण गांधी फिर मुश्किल में पड़ सकते हैं। वरुण गांधी के भड़काऊ भाषण मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने पीलीभीत जिला कोर्ट में अपील दायर की है। सरकार ने इस मामले में वरुण को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की है। मामले पर सुनवाई 10 जून को होगी। वरुण को इसी महीने के 3 मई को भड़काऊ भाषण से जुड़े आखिरी मामले से बरी किया गया था।

मायावती सरकार में वरुण गांधी को भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तार भी किया गया था और वह करीब एक महीने तक एटा जेल में रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा किया गया था। इससे पहले पिछले सितंबर में वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर मुकदमे को खत्म करने का आग्रह किया था। वरुण ने पत्र में लिखा था कि राजनीतिक कारणों से उनपर मुकदमे लादे गए। उनके पत्र के बाद राज्य सरकार ने पीलीभीत के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सहमति या असहमति देने को कहा था।
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की एक अदालत ने 5 मार्च 2013 को बीजेपी के सांसद वरुण गांधी को लोकसभा चुनाव के दौरान दिए भड़काऊ भाषण के दूसरे आरोप से बरी कर दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अब्दुल कयूम ने इससे पहले पिछले 27 फरवरी को देहात कोतवाली में दर्ज मामले में वरुण को बरी किया था। उसके बाद सीजेएम ने बरखेड़ा थाने में दर्ज मामले में भी वरुण गांधी को राहत दे दी। वरुण गांधी के खिलाफ दोनों मुकदमे में 24 गवाह थे और सभी मुकर गए थे। चार साल बाद 3 मई 2013 को वरुण तीसरे मामले से भी बरी हो गए। उन्हें पुलिस पर फायरिंग और उपद्रव फैलाने के आरोप से मुक्त कर दिया गया।
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वरुण के खिलाफ अखिलेश सरकार ने की कोर्ट में अपील
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