राष्ट्रपति चुनाव की डेडलाइन थी, भ्रष्टाचार मिटाने की डेडलाइन नहीं- सलमान

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फर्रुखाबाद: जो कांग्रेस लोकपाल विधेयक को पास न होने के लिए संसद के उच्च सदन में प्रयाप्त संख्या बल न होने की बात करती है उसी कांग्रेस ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए येन केन प्रकरण बहुमत जुटा लिया| लोकपाल को राज्यसभा में पास कराने के लिए राष्टपति चुनाव जैसी कवायद कांग्रेस क्यों नहीं करती? केंद्र कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से जब ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- राष्ट्रपति चुनाव की डेडलाइन थी, लोकपाल बिल पास कराने या भ्रष्टाचार मिटाने की कोई डेडलाइन नहीं है| सलमान खुर्शीद अपने संसदीय क्षेत्र फर्रुखाबाद में शनिवार देर शाम एक रोजा अफ्तार की दावत में शरीक होने आये आये थे जहाँ वे लगभग आधा घंटे तक पत्रकारों से मुखातिब हुए|

श्री खुर्शीद ने कहा कि उनकी (कांग्रेस) नियत में संदेह न करे| वे भ्रष्टाचार मिटाना चाहते है मगर जैसा अन्ना चाहते है उस तरीके से सम्भव नहीं| अन्ना के लोकपाल की तुलना उन्होंने जर्मनी के नाजी शासन से कर डाली| श्री खुर्शीद का कहना है कि हर विभाग या हर दफ्तर में लोकपाल बैठाने का मतलब नाजी शासन जैसा होगा| जर्मनी में जर्मनी की जनता काम करती थी मगर उनका हिसाब किताब नाजी अफसर करता था| इससे तो जनता प्रताड़ित हो जाएगी|

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सरकार अन्ना के अनशन से नहीं डरती, उन्हें जो करना हो वे करे लोकतंत्र में सबको अधिकार है| सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर अन्ना/अन्ना टीम के तीखे वार पर खुर्शीद ने कहा वे हाथी से टकरा रहे है| अन्ना और सलमान की गुप्त मुलाकात को उन्होंने गुप्त नहीं बताया| उन्होंने कहा कि वे सरकार का वो अजेंडा ले कर गए थे जो अब तक सरकार ने किया| तब अन्ना बोले ठीक है मगर बाद में फिर शुरू हो गए| टीम अन्ना और अन्ना अब जनता का समर्थन खो रही है इसीलिए कभी मीडिया से भिड रही है तो कभी हाथी (सोनिया गाँधी राहुल गाँधी) से|

आम आदमी कब तक भ्रष्टाचार से प्रताड़ित होता रहे? इस सवाल पर सलमान ने कहा की सरकार प्रयास कर रही है| 6-8 विधेयक पाइप लाइन में है और नए तैयार किये जा रहे है| मगर कब तक होंगे इस सवाल पर सलमान जबाब घुमा गए|

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