मौत का कुआं बन गया नगर पालिका का नाला

0
126

फर्रुखाबाद: बीते दिनों नगर की जनता को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका द्वारा मुख्य मार्ग पर जगह-जगह कुएं बनाकर नाले की सफाई करवायी गयी। जिनमें बच्चे व पशुओं के गिरने के भय से एक बार ईओ आर डी बाजपेयी से नाला मछरट्टा के कुछ लोगों ने बदसलूकी भी कर दी थी। जिसके बाद नाले पर बनाये गये कुओं के चारों तरफ एक दीवार बनायी गयी थी। जिसके ढह जाने से अब यह मौत के कुओं में तब्दील हो चुके हैं।

[adrotate banner="3"]

नगर पालिका द्वारा यदि नागरिकों को बिजली पानी उपलब्ध कराने में लापरवाही की जाये तो जनता एक बारगी अपनी व्यवस्था स्वयं कर सकती है। लेकिन यहां तो नगर पालिका कर्मियों का मुख्य कार्य सफाई व्यवस्था का यह हाल है कि नागरिकों को जलभराव से आये दिन जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही की हद तो तब हो गयी जब मुख्य रोड पर बनाये गये नाले के चारो तरफ दीवार ढहकर उसी में गिर गयी। लेकिन अब तक कोई उसे देखने तक नहीं आया। आये भी कैसे? नगर पालिका को भी लोगों के जाम लगवाने, नारेबाजी करवाने की आदत सी पड़ चुकी है। बिना हल्ला हंगामें के नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता।

नाला मछरट्टा मोहल्ले के मुख्य मार्ग पर बने नाले के चोक हो जाने पर बीते दिनों नगर पालिका कर्मियों द्वारा कुआं बनाकर नाले की सफाई की गयी थी। वहीं नाले की अस्थाई सफाई के लिए इन कुओं को पक्की ईंटों व सीमेंट से चारो तरफ से जोड़ दिया गया था। अब यह कुएं ढहकर नाले में समां चुके हैं। लेकिन नगर पालिका प्रशासन को अब तक इसकी खबर तक नहीं लगी है। यदि नाले की ढही हुई दीवार की ईंटे बाहर निकालकर नाला सफाई कार्य शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो जल्द ही शहर के कई मोहल्ले तालाब में तब्दील हो जायेंगे। जिससे एक बार फिर नागरिकों को नारकीय जीवन व्यतीत करने को नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही से करना पड़ेगा।

[adrotate banner="2"]