मेरा मकसद है दुनिया में मोहब्बत आम हो जाए

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित अटल काव्यांजलि मैं दूरदराज से आए फनकारों ने अपने फन का जादू बिखेर कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मोहब्बत और अमन चैन का पैगाम देते हुए दुनिया में चारों तरफ मोहब्बत का फैलाव करने की मनसा प्रकट की।
शुक्रवार को शहर के मधुर मिलन गेस्ट हाउस में श्री राम सेवा मिशन की ओर से अटल काव्यांजलि का आयोजन किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री व साहित्यकार पंडित अटल बिहारी वाजपेई की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित अटल काव्यांजलि में शिरकत करने आई अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवियत्री शबीना अदीब ने फूल मुरझा जाता है, सुगंध नहीं आप तो खुशबुओं का दरिया है, मौत ने आपके बदन को छुआ, आप लोगों के दिल में अभी भी जिंदा है पंक्तियां सुना कर अटल बिहारी वाजपेई को नमन किया। उन्होंने अंधेरों की हर एक साजिश यहां नाकाम हो जाए, उजाले हर तरफ हो रोशनी का नाम हो जाए, मेरी कोशिश तो नफरत को दिलों से दूर करना है, मेरा मकसद है कि दुनिया में मोहब्बत आम हो जाए सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। नोएडा से आए ओज के कवि अमित शर्मा ने युवा देश का जब-जब रण में अपनी ताकत तो लेगा चप्पा चप्पा इस भारत का वंदे मातरम बोलेगा सुनाकर मौजूद लोगों की नसों में जोश का संचार किया। प्रसिद्ध कवियत्री कविता तिवारी ने कविता के माध्यम से दुश्मन से बाजी जीत गए पर हम अपनों से हारे थे सुनाकर लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। समय की रेत पर खींची गई लकीरें मिट भले जाएं, मगर हर एक युग में सिर्फ कविता गाई जाएगी सुनाकर साहित्यकारों के समाज में स्थान को प्रदर्शित किया। कवि सम्मेलन में पदम अलबेला, सतीश मधुप्र, प्रमोद पंकज, शिव किशोर स्वजन, ऐलेश अवस्थी, कवि कौशल, अरुण उपाध्याय आदि ने भी अपनी कला का जादू बिखेरा। पंडाल में मौजूद श्रोता कवियों के हुनर पर दाद देते रहे। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में श्रोता सभी कवियों को सुनने के लिए अपनी सीट पर जमे रहे। इस दौरान जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, रमेश अवस्थी, संजीव बाजपेई, अखिलेश अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे|

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