मुशायरे में हर शायरी पर वाह-वाह करते रहे श्रोता

0
158

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) फतेहगढ़ महोत्सव आयोजन समिति के द्वारा मुशायरे व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया| ज्यों -ज्यों रात चढ़ती गयी कवियों की रचनाओं ने अपना रंग जमा लिया। कवियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा माहौल बनाया कि देर रात तक लोग कुर्सी से चिपके रहे।
फतेहगढ़ डीएन डिग्री कालेज में आयोजित मुशायरे में शबीना आदिब नें कहा कि खामोश लव हैं झुकी है पलकें, अभी तो उल्फत नई-नई है| जो खानदानी रहिस है मिजाज रखते है नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है कि तुम्हारी दौलत नई-नई है| हाशिम फिरोजबादी नें कहा कि दुनिया में भारत की है पहचान तिरंगा, रखता है जमाने से अलग शान तिरंगा, हिन्दू हो मुसलमान ही सिख हो या ईसाई, देता है सभी धर्मों को सम्मान तिरंगा|
डॉ० माजिद देवबंदी नें के पढा कि समायें तिजारत मेरा ईमान नहीं है, दर-दर पर झुके सिर यह मेरी शान नही है| डॉ० मालविका हरिओम नें पढा कि ऊंची लहरों पर चढ़कर आयी हूँ मै जमाने से लड़कर आयीं हूँ| मुफ्त का ज्ञान ना थोपो मुझ पर, मै अपने हिस्से का पढ़कर आयी हूँ| इसके साथ ही चरण सिंह, शरीफ भारती, डॉ० सुरेश अवस्थी आदि नें भी कविताएँ पढ़ी| मुख्य अतिथि  पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद रहे| निर्वतमान जिला पंचायत सदस्य विजय यादव, राजा शमसी, युनूस अंसारी, रिजवान अहमद ताज, शाकिर अली, कौशलेन्द्र सिंह यादव, हाजी परवेज, अनिल मिश्रा, अंकुर मिश्रा आदि रहे|
महिला सम्मेलन में महिला सशक्ति करण पर जोर
मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेत्री डॉ० रजनी सरीन पंहुची| जिसमे रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ | महिला सम्मेलन में कहा कि माताओं को अपनी विवाहित पुत्री के जीवन गैर जरूरी दखलदाजी नही करनी चाहिए| इससे परिवार में विघटन पैदा होता है|
सीमा सिंह, ममता सक्सेना, प्रीति गुप्ता, मीना चौहान आदि रहे|

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]