माल जे़वर समेट कर चंपत हो रही बहू को सास ने दबोचा

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फर्रुखाबाद: शहर कोतवाली क्षेत्र के नगला किसानन बढ़पुर निवासी नवविवाहिता पुत्र वधू आरती को उसकी ही सास ने उस समय रास्ते में दबोच लिया जब वह घर का सारा माल जेबर समेट कर चोरी छिपे भाग निकली।

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जानकारी के अनुसार भुसेरा निवासी कल्लू ने अपनी पुत्री आरती का विवाह बीते चार माह पूर्व ही बढ़पुर निवासी दलबीर पुत्र देवेन्द्र के साथ की थी। दलबीर के पिता सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। घर पर दलबीर के अलावा उसका छोटा भाई चंदन, सास बिट्टोदेवी व ससुर देवेन्द्र रहते हैं। दलबीर सात भाई हैं। बाकी पांच भाई बाहर नौकरी करते हैं। दलबीर फर्रुखाबाद में ही एक ट्रांसपोर्ट पर नौकरी करता है। शादी के कुद दिन बाद ही आरती अपनी सास व पति से असंतुष्ट रहने लगी। असंतुष्ट आरती ने आज सुबह लगभग 10 बजे घर में रखा सारा माल जेबर समेट कर बैग में रखा व चोरी छिपे बिना किसी को बताये घर से निकल ली। जब उसकी सास को बहू के घर से बिना बताये भाग जाने की बात पता चली तो उसने आनन फानन में बहू की खोजवीन शुरू की। पड़ोसियों से पता किया तो पड़ोस के ही एक युवक ने बताया कि तुम्हारी बहू को उसने फतेहगढ़ की तरफ जाते हुए देखा है। जिस पर उसकी सास टैक्सी पर बैठकर बहू के पीछे ही भाग खड़ी हुई। नेकपुर के पास उसने आरती को दबोच लिया। फिर क्या था मौके पर भीड़ एकत्र हो गयी। समझा बुझाकर सास आरती को घर ले आयी।

घटना स्थल पर आरती जोर जोर से चिल्ला रही थी कि वह दलबीर को पसंद नहीं करती। वह उसके साथ नहीं रह सकती। वहीं दलबीर की मां बिट्टोदेवी के अनुसार आरती कुछ कम दिमाग की है। घर का काम काज न करके पूरा दिन सिर्फ चारपाई ही तोड़ती है। कुछ कह देने पर विवाद खड़ा कर देती है। किसी बजह से आज भी विवाद हो गया था। मौका देखकर आरती घर से निकल गयी।  सूचना पर मैं व मेरा छोटा बेटा चंदन ने नेकपुर पुल के निकट आरती को पकड़ लिया व घर वापस ले आये। आरती की सास बिट्टोदेवी के अनुसार उन्होंने मायके में सूचना दे दी है।

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