मारपीट में घायल युवक की उपचार के बाद मौत, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम

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कमालगंज (फर्रुखाबाद): थाना कमालगंज क्षेत्र के ग्राम रुस्तमपुर में 2 जून को निहास खोदने को लेकर परिवार के ही दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में दो महिलाओं सहित लगभग एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये थे।घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र कमालगंज से लोहिया अस्पताल के लिए रिफर किया गया था। जहां से कानपुर के लिए दोनो को रिफर किया गया था। उपचार के दौरान वीरेन्द्र की मौत हो गयी। परिजनों ने थानाध्यक्ष कमालगंज के निलंबन की मांग करते हुए बघार नाले के पास शव रखकर जाम लगा दिया।

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ग्राम रुस्तमपुर में परिवार के लोगों के साझे में कुछ आबादी की जमीन है। जिसका बंटवारा पहले ही किया जा चुका था। सभी को बंटवारे में 12- 12 डिसमल जमीन मिली हुई थी। जिसमें से 9 डिसमल जमीन पर उन्होंने मकान बना रखा था। शेष तीन डिसमल जमीन पड़ी हुई थी। रविवार को सुबह वीरेन्द्र, नरेन्द्र, दीपक महेन्द्र पुत्रगण बाबूराम, रामकन्या पत्नी राजेन्द्र, बाबूराम, गजेन्द्र व शैलेन्द्र इसी तीन डिसमल जमीन पर मकान बनाने के लिए निहास खोद रहे थे। तभी दूसरे पक्ष के रामनिवास प्रेमसागर, विद्यासागर, पुत्रगण जयराम बबलू पुत्र रामकिशोर, भगवानदेवी पत्नी जयराम आये और निहास खोदने का विरोध करने लगे थे।

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दोनो पक्षों में विवाद गहराता चला गया और जमकर लाठी डन्डे चले थे। मारपीट में वीरेन्द्र, नरेन्द्र, दीपक महेन्द्र पुत्रगण बाबूराम, रामकन्या पत्नी राजेन्द्र, बाबूराम, गजेन्द्र व शैलेन्द्र व दूसरे पक्ष के रामनिवास प्रेमसागर, विद्यासागर, पुत्रगण जयराम बबलू पुत्र रामकिशोर, भगवानदेवी पत्नी जयराम गंभीर रूप से घायल हो गये थे। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र कमालगंज में भर्ती कराया गया था। वीरेन्द्र व नरेन्द्र की हालत को गंभीर देखते हुए लोहिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया था। वहां भी हालत में सुधार न होने पर कानपुर के लिए ले जाया गया। कानपुर में वीरेन्द्र की उपचार के दौरान मौत हो गयी।

गुस्साये वीरेन्द्र के परिजनों ने शव रखकर रुस्तमपुर के सामने बघार नाले के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुचे अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह,सीओ नगर ने पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय दिलाया जायेगा। ग्रामीणों ने मांग की कि थानाध्यक्ष कमालगंज की शिथिलता से ही घटना घटी। जिससे उन्हें निलंबित किया जाये व घटना में हत्या का मुकदमा नामजद दर्ज कराया जाये। अपर पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए दो घंटे बाद जाम खुलवा दिया।

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