माया के परिवहन मंत्री राम अचल राजभर लोकायुक्‍त के शिकंजे में

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लखनऊ। जिस क्रम में उत्तर प्रदेश का चुनाव नजदीक आ रहा है उसी क्रम में प्रदेश के मंत्रीयों की सच्‍चाई सामने आती जा रही है। माया सरकार में परिवहन मंत्री राम अचल राजभर भी लोकायुक्‍त के घेरे में घीरते नजर आ रहे है। परिवहन मंत्री राम अचल राजभर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लोकायुक्त ने जांच शुरु कर दी है। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन. के. मेहरोत्रा ने कल मंत्री राजभर के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरु कर दी और इसकी सूचना मुख्यमंत्री मायावती को भेज दी है तथा शिकायत की एक प्रति राजभर को भेजकर 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

साक्ष्यों पर जिला प्रशासन से भी रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री के खिलाफ दो शिकायतें दाखिल हुई है और इन शिकायतों का परीक्षण करने के बाद लोक आयुक्त ने अंबेडकरनगर के आनंद कुमार द्विवेदी द्वारा तीन नवंबर की दाखिल नई शिकायत स्वीकार करते हुए लोक आयुक्त ने जांच शुरु करने का फैसला किया, जबकि दूसरे शिकायतकर्ता राम अरज वर्मा से और सूचनाएं मांगी है।

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द्विवेदी ने लोकायुक्त के समक्ष दाखिल शिकायत में राजभर पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाते हुए शिकायत के समर्थन में 108 संपत्तियों का ब्योरा भी संलग्न किया है। उल्लेखनीय है कि उपाध्याय के अलावा लोकायुक्त के सामने पहले से ही प्रदेश के छह मंत्रियों एवं दस विधायकों के विरुद्ध आयी शिकायतों की जांच विभिन्न स्तरों पर चल रही है, जबकि ऐसी ही शिकायतों पर लोकायुक्त की संस्तुति पर प्रदेश के चार मंत्री राजेश त्रिपाठी, अवध पाल सिंह यादव, रंगनाथ मिश्र और बादशाह सिंह अपना पद गंवा चुके है।

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