मायावती को नाराज न होने की नसीहत

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लखनऊ : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का नाम लिए बिना उन्हें नाराज न होने की नसीहत दे दी। मौका पांच कालिदास मार्ग में सड़क और पुल की परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण का था। उन्होंने मायावती के घर के सामने बनने जा रहे फ्लाइओवर की ओर इशारा करके पिछले दिनों बसपा द्वारा जताये गये आक्रोश पर न केवल तंज कसा, बल्कि यह जताने की कोशिश भी की कि विकास कार्य के लिए व्यक्तिगत मुद्दों का कोई मतलब नहीं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल जोड़ने का काम करते हैं, जहां भी पुल बनेगा कुछ जुड़ेगा ही। दुनिया में जहां भी पुल और सड़कें बनी, वही मुल्क आगे बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली बसपा सरकार पर पुलों और सड़कों का काम ठप करने का आरोप लगाया और कई उदाहरण भी गिनाये, लेकिन फिर मुस्कराते हुए बोले कि ‘एक पुल चर्चा में आ गया है (इशारा मायावती के माल एवेन्यू स्थित आवास के सामने बनने वाले फ्लाइओवर की ओर था)। यह पुल खराब नहीं है। यह तो जनता की सुविधा के लिए है, लेकिन इसे लेकर किसी की तकलीफ बढ़ गयी है। मैं तो कहता हूं कि किसी को नाराज होने की जरूरत नहीं है।’ मुख्यमंत्री ने सड़क और पुलों से विकास के तार जोड़ते हुए अमेरिका के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि सड़क ने अमेरिका बनाया और अमेरिका ने सड़क, यह मुहावरा चलता है। उन्होंने सपा सरकार में पुलों और सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर लोक निर्माण मंत्री की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने पुल और सड़कों के निर्माणाधीन काम को ठप कर सूबे के खजाने पर बोझ बढ़ा दिया है। बताया कि प्रतापगढ़ में 2006 में एक पुल का शिलान्यास हुआ था जिसे 22 करोड़ में पूर्ण होना था। बसपा सरकार आने के बाद इसका निर्माण ठप हो गया और अब इस पुल पर 45 करोड़ रुपये और खर्च होंगे। समारोह को सम्बोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार यूपी का विकास कर रही है और यूपी में खुशहाली आयेगी। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री मौजूद थे।
1131 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास :
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर लोक निर्माण विभाग की 62 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें 31 सेतु और 27 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं को पूरा करने में 1131 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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