दो साल के मासूम को खरोंच नहीं, उसी बाइक पर सवार तीन लोगों की मौत

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फर्रुखाबाद: कहते हैं कि उपर वाला मेहरवान होता है तो विपरीत परिस्थितयों में भी व्यक्ति को कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। किसी ने सच ही कहा है_ जाको राखे सांइयां मार सके ना कोय,। एसी ही घटना बीते दिन हुई जिस बाइक पर सवार तीन लोगों की मौत हो गयी उसी बाइक पर सवार दो वर्षीय मासूम को खरोंच तक नहीं आयी। शायद उस पर भगवान की ही नजर थी। थाना अल्लागंज क्षेत्र के ग्राम चौरसिया के निकट बीते दिन बाइक व डीसीएम की भिडन्त में जहां डीसीएम अनियंत्रित होकर पलट गयी थी वहीं बाइक पर सवार तीन लोगों की मौत के साथ आधा दर्जन से अधिक डीसीएम पर सवार लोग घायल हो गये थे। घायलों को लोहिया अस्पताल भिजवाया गया था व दुर्घटना में खत्म हुए दो सगे भाई बहनों के शव को लोहिया अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। दुर्घटना में मृत लोगों के एक भांजे की भी मौत हो गयी। सूचना पर लोहिया अस्पताल पहुंची मृत सगे भाई बहन की मां ने करुण क्रंदन करते हुए कहा कि अगर बाइक का चालान न होता तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता।

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लोहिया पहुंच मृतकों के परिजनों ने बताया कि पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के मऊ निवासी जरदोजी व्यापारी बबलू की ससुराल शाहजहांपुर के ही महमदपुर में है। जहां उसकी 30 वर्षीय पत्नी सुशीला अपने दो वर्षीय पुत्र आकाश के साथ कई दिनों से रह रही थी। थाना राजेपुर के ग्राम रतनपुर निवासी बबलू का भांजा राजीव पुत्र राकेश अपनी प्लेटिना बाइक संख्या यूपी 74एफ  7022 से शाहजहांपुर अपने कागज छुड़ाने गया था। क्योंकि तकरीबन एक माह पूर्व राजीव की बाइक का चालान पुलिस ने कर दिया था। जिसके कागज जनपद शाहजहांपुर के क्षेत्राधिकारी कार्यालय में जमा थे। कागज छुड़ाने के बाद जब राजीव वहां से निकला तो बबलू ने फोन से राजीव को सूचना दी कि वह वहां से उसकी पत्नी सुशीला को भी ले आये। इसी बजह से राजीव जब महमदपुर पहुंचा तो वहां से अपनी मामी सुशीला, सुशीला के सगे भाई प्रमोद व दो वर्षीय पुत्र आकाश को भी साथ ले लिया। गाड़ी पर तीन लोगों की सवारी के अलावा पीछे तकरीबन 30 किलो से अधिक धान भी बंधे थे। जिस बजह से गाड़ी चौरसिया के पास हादसे का शिकार हुई और एक ही परिवार के तीन लोग मौत की गर्त में समा गये।

सुशीला व उसके भाई प्रमोद का शव फतेहगढ़ पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। वहीं राजीव का शव अल्लागंज थाने में अभी अपने मां बाप का इंतजार कर रहा है। क्योंकि राजीव के मां बाप पानीपत में रहते हैं। उनके आने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी।

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