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डेस्क:देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने वाला आस्था से परिपूर्ण महाशिवरात्रि का व्रत सबसे महत्वपूर्ण होता है। जो शख्स भगवान शिव में आस्था रखते हैं वह भोले के महाशिवरात्रि व्रत को जरूर करते हैं। हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि व्रत, पूजा, कथा और उपायों का खास महत्व होता है।
महाशिवरात्रि पर्व पर व्रत करने और भगवान शिव को जल चढ़ाने का खास महत्व होता है। आचार्य सर्वेश शुक्ल ने बताया की इस दिन व्रती शिवलिंग पर जल, भांग धतूरा, फूल इत्यादि चढ़ा कर पूजा करते हैं। इस दिन व्रत करने व विधिवत तरीके से पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं। इस दिन मंदिरों में भक्तों की लंबी भीड़ देखने को मिलती है। शिवपुराण में पूजन के विधि के बारे में बताया गया है।
इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद घर में पूजा करने के साथ साथ मंदिर में भी पूजा करनी चाहिए। इस दिन शिवलिंग को जल अर्पित करने के साथ साथ पूजा सामग्री भी अर्पित करें।
पूजन का शुभ मुहूर्त :सुबह 07:04 से दोपहर 15:20 तक,महाशिवरात्रि 4 मार्च 2019, सोमवार
शिवरात्रि पूजा मुहूर्त
निशीथ काल पूजा मुहूर्त = 24:07 से 24:57 बजे।
शिवरात्रि व्रत पारण समय = 06:46 से 15:26 बजे (5 मार्च 2019, मंगलवार)
चतुर्दशी तिथि आरंभ = 4 मार्च 2019, सोमवार 16:28 बजे।
चतुर्दशी तिथि समाप्त = 5 मार्च 2019, मंगलवार 19:07 बजे।
निशीथ काल पूजा मुहूर्त = 24:07 से 24:57 बजे।
शिवरात्रि व्रत पारण समय = 06:46 से 15:26 बजे (5 मार्च 2019, मंगलवार)
चतुर्दशी तिथि आरंभ = 4 मार्च 2019, सोमवार 16:28 बजे।
चतुर्दशी तिथि समाप्त = 5 मार्च 2019, मंगलवार 19:07 बजे।
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