मस्ती में रंगों में भीग, अबीर, गुलाल से सरोबार हुए लोग

0
106

फर्रुखाबाद: रंगों के पर्व होली पर शहर से लेकर गांव इसकी मस्ती में रंगा नजर आया। पूरे मूड में लोगों ने अबीर गुलाल लगाकर, गले मिलकर पर्व की बधाई दी। सोमवार की शाम को विधि विधान से फाग गीतों के बीच होलिकादहन किया गया। उधर बाजार में पिचकारी, रंग, अबीर, गुलाल, मिठाई व किराने की दुकानों पर भी भीड़ लगी रही। घरों में महिलाएं भी इसकी तैयारियां में जुटी रहीं। मंगलवार सुबह नौनिहालों नें टोली बनाकर सभी को प्रेम और शन्ति के प्रतीक रंगों से सरावोर कर दिया|
शहर के कई जगहों पर सोमवार की सुबह से ही लोगों ने होलिका सम्मत को सजाने का काम किया। इसके बाद पूरे दिन इसमें विभिन्न निष्प्रयोज्य चीजों को डालने का उपक्रम चला। रात्रि में विधि-विधान से जयकारों एवं होली व फाग गीतों के बीच ढोल की गूंज के बीच होलिका दहन किया गया| मायके में आई वह लड़कियां एवं महिलाएं इस आग का एक हिस्सा थाली में रखकर घरों में ले गईं और इसके धुएं को घर के हर हिस्से से गुजारा और पुण्य की कामना की। मंगलवार की सुबह से ही शहर के प्रमुख मार्गों व गलियों में लोगों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर वह मुंह में रंग लगाकर बुरा न मानो होली हैं कहकर इस पल का आनंद उठाया। सबसे ज्यादा खुश बच्चे दिखाई दिए, जिन्होंने दो से तीन दिन पहले ही पिचकारी खरीदकर इसमें पानी भरकर आने-जाने वालों को खूब भिगोया।
घरों में बने पकवान, आज मेहमानों का करेंगे स्वागत
मंगलवार को घर आने वाले मेहमानों के लिए सोमवार को पूरे दिन हर घरों में पकवान आदि बनाने का काम महिलाओं ने किया। गुझिया, मठरी, नमकीन, चिप्स, पापड़, दही बड़ा, गुलाब जामुन सहित अन्य पकवान तैयार करने में सभी समभाव से जुटी रहीं। होली के दिन मेहमान नवाजी में कमी न रह जाए, इसका एक दिन पहले से तैयारियां चलती रहीं।
होली गीतों पर झूमे बच्चे और युवा
रंग बरसे भीगे चुनर वाली.., होली खेले रघुवीरा अवध में.., बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी.., सहित हिंदी फिल्मों के होली के लोकप्रिय गीतों के अलावा भोजपुरी के गीतों की भी धूम रही। घरों व बाजार व गलियों में ये गाने खूब बजते रहे। युवाओं के साथ बच्चों ने भी पर्व की मस्ती में इन गानों पर खूब ठुमके भी लगाए। कई जगहों पर मंगलवार को होली मनाने के लिए युवाओं की टोली ने डीजे की भी बुकिंग कर ली थी।

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]