बुखार होने पर न करें देरी, देरी पड़ सकती भारी

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की जमीनी हकीकत को परखने के लिए स्वास्थ्य भवन लखनऊ से संयुक्त निदेशक डॉ. डीएस नाबियाल ने मोहम्मदाबाद  ब्लॉक के गावं ऊगरपुर और गैंसिंगपुर में पहुंचे तथा वहां संचारी रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित होने वाली गतिविधियों के बारे में ग्रामीणों से जानकारी हासिल की ।
डॉ. नाबियाल ने गांव वालों को मच्छरजनित बीमारी के बारे में विस्तार से बताया और साफ सफाई रखने व घर के आस-पास पानी न जमा होने देने की बात कही । आशा कार्यकर्ता से कहा कि वह ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के सेवन के लिए प्रेरित करें और साधारण हैंडपंप का पानी पीने से लोगों को मना करें व शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें।
डॉ. नाबियाल ने ग्राम प्रधानों से कहा कि नियमित सफाई और झाडियों की कटाई होती रहनी चाहिए । गांव में कहीं भी जलभराव न होने पाए, क्योंकि जहां पानी का जमाव होता है वहीँ मच्छर पनपते हैं ।
जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने लोगों को साफ-सफाई के महत्व को बताते हुए कहा कि बुखार – खांसी आने पर छिपायें नहीं और न ही किसी अप्रशिक्षित चिकित्सक से इलाज कराएं । अपने पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाएँ या अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता को सूचित करें । कोरोना से बचाव के लिए लोगों को मास्क लगाने, हाथ धोने और भीडभाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की बात कही ।
डीएमओ ने बताया अगर आपको बुखार आ रहा है तो अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रक्त पट्टिका बनवाएं और मलेरिया होने पर 14 दिनों का उपचार निशुल्क प्राप्त करें | बीच में दवा छोड़ने पर बुखार काफी दिनों तक चलता है और अनेक जटिलताओं को जन्म देता है |
डीएमओ ने बताया कि अभियान के दौरान अभी तक 6 मलेरिया, 48 फायलेरिया रोगी मिले जिनका उपचार किया गया| इस दौरान लगभग 1800 लोगों के स्लाइड्स बनाई गई |
मलेरिया इंस्पेक्टर अजय सिंह टैगोर ने कहा कि जिले में इस पूरे माह संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत बीमारियों पर रोक लगाने के लिए गांवों से लेकर शहर में साफ सफाई के अलावा अन्य कई बातों पर जोर दिया जा रहा है । इसमें सभी विभागों को अलग अलग जिम्मेदारी दी गई है।

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