बाबू सिंह कुशवाहा सहित 11 के खिलाफ मामला दर्ज

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bABAU SINGHलखनऊ: एनआरएचएम घोटाले में जेल में बंद पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा एक और बड़े घोटाले में नामजद हो गये हैं। यूपीएसआइडीसी घोटाले में उनके साथ 11 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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बाबू सिंह कुशवाहा पर गाजियाबाद में यूपीएसआइडीसी के हजारों करोड़ के भूखंडों का दुरभिसंधि व धोखाधड़ी कर भू उपयोग बदलने का आरोप है। इनके अलावा 11 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइटी) ने अलग-अलग आरोपों में नौ प्राथमिकी दर्ज कराकर विशेष अदालत में दाखिल की है। प्रभारी विशेष न्यायाधीश एके सिंह ने ताजा एफआइआर का संज्ञान ले लिया है।

एसआइटी ने घोटाले में पूर्व मंत्री एवं अध्यक्ष संचालक मंडल यूपीएसआइडीसी बाबू सिंह कुशवाहा के विरुद्ध नौ मामले, तत्कालीन प्रबंध निदेशक/सीईओ यूपीएसआइडीसी एसके वर्मा के विरुद्ध आठ मामले, तत्कालीन विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिज तत्व अनवारुल हक के विरुद्ध चार मामले, पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक आरके चौहान के विरुद्ध पांच मामले, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मनमोहन के विरुद्ध तीन मामले, तत्कालीन संयुक्त निदेशक तपेंद्र प्रसाद के विरुद्ध तीन मामले, तत्कालीन प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र केके यादव के विरुद्ध तीन मामले, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता संजय तिवारी के विरुद्ध छह मामले, यूपीएसआइडीसी संचालक मंडल के जसवंत सिंह के विरुद्ध एक मामला, तत्कालीन वित्त नियंत्रक सुशील कुमार के विरुद्ध एक मामला एवं सुरेश कुमार के विरुद्ध एक मामला दर्ज कराया है जबकि एसआइटी ने मैसर्स कर्मयोगी प्रापर्टीज, मैसर्स पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन, मैसर्स ईएमसी प्रोजेक्ट प्रालि., मैसर्स विराट पैकेजिंग प्रालि., मैसर्स शोभा होटल्स प्रालि., मैसर्स उत्तम इंडस्ट्रीज व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

एसआइटी का आरोप है सात मई 2004 से 13 फरवरी 2009 के दौरान अभियुक्तों ने षडयंत्र के साथ ही धोखाधड़ी कर कई भूखंडों का नियम विरुद्ध भू उपयोग परिवर्तित कर तमाम निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाकर हजारों करोड़ का घोटाला किया। इस मामले की प्रारंभिक जांच के बाद विशेष अनुसंधान दल कार्यालय के गंगाराम चौधरी ने नौ प्राथमिकी दर्ज कराई।

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