बाढ़ राहत की चेको पर प्रधान और लेखपाल की नजर

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फर्रुखाबाद: 3 जनवरी 2010|उत्तर प्रदेश में प्राकर्तिक आपदा से भले आम जनमानस के जीवन को अस्तव्यस्त हो जाता हो मगर सरकारी नौकरों और नेताओ की पौ बारह हो जाती है| दोनों ही बहती गंगा में हाथ धोते है और गरीब बेचारा जानकारी के आभाव में कब लुट जाता है पता ही नहीं चलता| जनपद के राजेपुर ब्लाक के अमैयापुर ग्रामसभा में ऐसा ही एक मामला पकड़ में तब आया जब इलाके के लेखपाल राजेश मिश्र ने अमृतपुर थाने में गरीबो को मिलने वाली बाढ़ राहत की चेको को अमैयापुर के प्रधान द्वारा छीन लेने का प्राथना पत्र मुकदमा लिखने के लिए दिया|

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सोमवार को लेखपाल में अमृतपुर थाने में प्राथना पत्र दिया है कि ११२७२/- कीमत की ११ चेक जो बाढ़ राहत के लिए जनता को दी जाने वाली थी उन्हें ग्राम सभा अमैयापुर के प्रधान ने जबरन छीन लिया| मामले में प्रधान के विरुद्ध कारवाही करने के लिए प्राथना की गयी है| उधर अमृतपुर थानेदार ने बताया कि प्रधान ने ११ चेक उन्हें सौप दी है और उलटे लेखपाल पर आरोप लगाया है कि ये चेक गलत बन गयी थी| इनमे से कुछ चेक भूमिहीनों की भी बना दी गयी|

इस मामले में एस डी एम् रविन्द्र कुमार ने जेएनआई को बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया है और वे मंगलवार को इस मामले की गहनता की जाँच करेंगे कि लेखपाल के पास मौजूद चेक प्रधान के पास कैसे पहुची| लेखपाल या प्रधान दोनों में से जो भी दोषी होगा कारवाही की जाएगी|

उधर अमैयापुर के कई ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान दबंग किस्म का है और इलाके के दरोगा से उसने साठगाठ कर मामले को उल्टा करने का प्रयास किया है|

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