बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डीएम की पैनी नजर, गंगा खतरे के निशान से 15 सेंमी नीचे

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फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) गंगा का जलस्तर सुबह 137 मीटर, शाम को 136.95 मीटर पहुंचा; फसल नुकसान का सर्वे कर बीमा लाभ दिलाने के निर्देशफर्रुखाबाद। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अल्हादपुर भटौली, फकरपुर, कोदरी सारंगपुर और करनपुर घाट सहित रामगंगा नदी के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को प्रभावित लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति, आवागमन, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमणशील रहें और किसी भी समस्या की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। नाव, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के भी निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित जानकारी लेने को कहा।किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के निर्देशडीएम ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड धारक ऐसे किसानों की पहचान की जाए, जिनकी फसल बाढ़ के पानी से नष्ट हुई है। प्रभावित किसानों का चिन्हांकन कर उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर सिंचाई विभाग की 29 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार लोहिया सेतु (पांचालघाट) पर गंगा नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 137.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शाम चार बजे यह घटकर 136.95 मीटर रह गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर व खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर रामगंगा सेतु पर सुबह 135.80 मीटर और शाम को 135.75 मीटर दर्ज किया गया। रामगंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर तथा खतरे का निशान 137.10 मीटर है। रिपोर्ट में नरौरा बैराज से 77,819 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का विवरण दर्ज है। इसके अलावा खो बैराज से 2,760 क्यूसेक, हरौली बैराज से 291 क्यूसेक तथा रामनगर बैराज से 2,130 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। रामगंगा नदी में कुल 5,181 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने रामगंगा नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे।

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