बहन को भी कैदी लुंजी के फांसी लगाने पर संदेह

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फर्रुखाबाद : जनपद कानपुर नगर थाना बिल्हौर के गांव उत्तरी निवासी लुंजी ने सेन्ट्रल जेल में संदिग्ध हालत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी| शनिवार को लुंजी की बहन परिजनों के साथ पंहुची और आरोप लगाया की दिव्यांग लुंजी आत्महत्या नही कर सकता उसको योजना बनाकर घटना की गयी|

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हत्या व डकैती के मामले में ढाई वर्ष से केंद्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी लुंजी 31 अगस्त 2014 से सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। फांसी पर लाश लटकी होने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया| शुक्रवार रात में ही लुंजी की बहन रामेश्वरी देवी अपने पति बाबूराम जाटव, पुत्री ममता, अंजू व उसके पति अखिलेश के साथ यहां आ गयी| उनसे बताया की पुलिस का सिपाही उसे सूचना देने घर गया था| बहन ने आरोप लगाया कि लुंजी जन्म से ही एक हाथ से दिव्यांग था। वह स्वयं फांसी लगाकर खुदकशी नहीं कर सकता है। शव का पोस्टमार्टम शव का पोस्टमार्टम डा. दीपक कटारिया व डा. सुमित कुमार के पैनल ने किया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगने से दम घुटना बताया गया है। बाएं दिव्यांग हाथ में खाल उधड़ी होने का भी जिक्र किया गया है|

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