बच्चों को सेंटा क्लाज का इंतजार

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फर्रुखाबाद|| 25 दिसंबर यानि प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन का बच्चों को इंतजार रहता है, क्योंकि इस दिन बच्चों के प्यारे सेंटाक्लाज उपहार लेकर आते हैं। मसीही कालोनियों में घर-घर क्रिसमस ट्री और सेंटाक्लाज सजाये गये हैं।

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सेंटा क्लाज चौथी शताब्दी में सेंट निकोलस फादर थे जो पूरे साल जरूरतमंदों पर नजर रखते थे और साल के अंत में उन सब की मदद किया करते थे। बच्चों ने उन्हें प्यार से सेंटाक्लाज नाम दिया। आज भी क्रिसमस के दिन सेंटाक्लाज (पात्र) गिरजाघर के बाहर आकर बच्चों को उपहार बांटते है।

क्रिसमस के अवसर पर क्रिसमस ट्री की सजावट खास आकर्षण का केन्द्र होती है। क्रिसमस ट्री को लोग बहुत सुंदर ढंग से सजाते हैं। पादरी किशन मसीह ने बताया कि क्रिसमस ट्री की सजावट प्रभु से जुड़ने का माध्यम है। इसे सजाकर लोग दिखाते हैं कि प्रभु से कितना प्यार करते हैं। इससे पर्यावरण के प्रति जागरुकता का संदेश भी जाता है।

प्रभु यीशु के जन्म के सिलसिले में पिछले एक सप्ताह से कैरल सांग सर्विस के कार्यक्रम चल रहे हैं। चर्च के सदस्य संबंधियों के घर जाकर कैरल सांग गाते हुए यीशु के जन्म से पूर्व एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। शहर के पांच प्रमुख गिरजाघरों में क्रिसमस की आराधना होगी। यीशु जन्म से पूर्व ही गिरजाघर रोशनी से जगमगाते रहे।

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