बंटवारे का विरोध गरीबों व पिछड़ों से धोखा : कल्याण

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लखनऊ: पूर्व मुख्यमंत्री व जनक्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) के संरक्षक कल्याण सिंह ने प्रदेश का चार भागों में विभाजन का स्वागत करते हुए कहा कि बंटवारे का विरोध करने वाले गरीबों व पिछड़ों से विश्वासघात कर रहे है। उन्होंने राज्य पुनर्गठन आयोग गठन को लेकर कांग्रेस व भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप भी लगाया।

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मंगलवार को कल्याण सिंह ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में बंटवारे की जमकर पैरोकारी की। कहा कि देश में आजादी के 17 छोटे नए राज्य बने और उनकी स्थिति पहले से कई गुना बेहतर है। छोटे राज्यों में विकास की गति बढ़ने के साथ प्रशासनिक दक्षता भी होती है। गरीब, पिछड़े व कमजोर तबके के लोगों की सुनवाई समय से हो जाती है। न्याय भी सस्ता व सुलभ मिलता है। कानून व्यवस्था सुधरेगी। क्षेत्रीय असंतुलन भी दूर होगा। यूपी के पिछड़ेपन की एक अहम वजह विशाल आकार व भारी जनसंख्या होना भी है। बंटवारा इसलिए भी न्यायसंगत कहा जा सकता है क्योंकि विश्व के 222 देशों में आबादी के लिहाज से यूपी छठे नम्बर पर है।

बंटवारे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाने साधे और विकास का विरोधी बताते हुए निहित व सियासी हित साधने का आरोप भी लगाया। भाजपा व कांग्रेस को पुनर्गठन आयोग की मांग करने पर दोहरा चरित्र वाला बताया। कहा, ‘अब तक सभी नए राज्य कांग्रेस या भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों के कार्यकाल में बनें तो तब आयोग गठन का सवाल क्यों नहीं उठाया गया? अब तेलंगाना राज्य निर्माण का समर्थन किस आधार पर किया जा रहा है?’ बंटवारे के मुद्दे पर विधानसभा में बहस न होने देने के लिए सत्ता के साथ विपक्ष को भी दोषी ठहराया। कहा कि सरकार को इसे एजेंडे में शामिल रखना चाहिए था और सपा व भाजपा भी सदन चलने देती। विपक्ष व सरकार के आचरण से लोकतांत्रिक व संवैधानिक परम्पराएं ध्वस्त हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस बारे में जल्द ही फैसला लेना चाहिए। राहुल गांधी के दौरों पर उनका कहना था कि पहले वह कांग्रेस को बदलने का काम करें तक सत्ता में वापसी के सपने देखें।

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