फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद फर्रुखाबाद में बमुश्किल बनाया गया इटावा-बरेली हाई-वे में सुबिधाओं की रफ्तार कछुआ की गति से चल रही है| हाई-वे पर लगायी गयी स्ट्रीट लाइटों के रोशन होनें में फिलहाल लापरवाही का ग्रहण लगा हुआ है| जिसमे अभी महीनों इंतजार ही करना होगा|
दरअसल इटावा-बरेली हाई-वे हमेशा विवादों में ही रहा| निर्माण के दौरान गुणवत्ता ठीक ना होनें से सांसद मुकेश राजपूत नें खुद केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेटकर शिकायत की थी| इसके साथ ही हाई-वे की खराब गुणबत्ता मीडिया की सुर्खियों में अक्सर रही| कभी सड़क की गुणवत्ता व कभी सड़क के दोनों तरफ बने नाले की गुणवत्ता चर्चा में रही| जनपद के रामगंगा पुल से बेबर तक गुजरने वाले इस हाई-वे की लम्बाई 52.770 किलोमीटर है| जबकि जनपद इटावा से पीलीभीत तक इस हाई-वे की लम्बाई 240 किलोमीटर है| जिसमे फर्रुखाबाद जनपद में पांचाल घाट से मसेनी तक व एआरटीओ कार्यालय से लेकर सेन्ट्रल जेल चौराहे से होते हुए उस्मान नगला बघार के निकट व मोहम्मदाबाद के तकीपुर से रोहिला चौराहे तक डिबाइडर बनाकर स्ट्रीट लाइटों को लगाया गया है| जो महीनों बाद में सफेद हाथी बनी है| भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के पास भी इसका कोई ठोस जबाब नही है| रात होते ही हाई-वे पर अंधेरा छा जाता है, कुछ दिनों के बाद सर्दी में कोहरा भी पड़ेगा, इस हालत में यदि सड़क पर रोशनी नही होगी तो तेज रफ्तार वाहन दुर्घटना के शिकार होंगे|
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एई विशाल मिश्रा नें बताया कि अभी ट्रांसफार्मर खरीदने के टेंडर हुए हैं, अभी ट्रांसफार्मर खरीदे जायेंगे उसके बाद वह कहां लगेंगे उस जगह का चयन भी होना है| लिहाजा अभी जल्द स्ट्रीट लाइटों को चालू करना सम्भव नही लगता| फिलहाल प्रयास चल रहा है|
फिलहाल अंधेरे में ही रहेगा राष्ट्रीय राजमार्ग इटावा-बरेली हाई-वे
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