फालोअप: हैवतपुर गढ़िया चौकी में पुलिस होती तो नहीं चलतीं गोलियां

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फर्रुखाबाद: शहर क्षेत्र के तकरीबन दो किलोमीटर दूरी पर बीरान क्षेत्र में स्थित हैवतपुर गढ़िया में बनायी गयी काशीराम कालोनी में सुरक्षा की दृष्टि से कोई विशेष बंदोबस्त नहीं किया गया। गोली चलने के दौरान काशीराम कालोनी की चौकी पर कोई पुलिस का सिपाही तक मौजूद नहीं है।

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काशीराम कालोनी में हजारों की जनसंख्या है। जो मऊदरवाजा थाने से तकरीबन दो किलोमीटर दूरी पर मौजूद हैं। कालोनी में अक्सर शोहदों का आना जाना बना रहता है। कुछ समय पहले कालोनी में सुरक्षा की दृष्टि से एक चौकी की स्थापना भी की गयी। जिस पर एक एसआई के साथ-साथ कांस्टेबलों की तैनाती की गयी थी। कुछ समय तो मामला ठीकठाक चला लेकिन फिर पुलिस गाहे बगाये कालोनी में जाती थी और कई बार तो चौकी में ही लंबी नींद मारते दरोगा जी नजर आते थे। बीती शाम कालोनी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद भी पुलिस तकरीबन आधे घंटे में कालोनी में पहुंची। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर कालोनी में झगड़े के समय पुलिस मौजूद होती तो गोली काण्ड नहीं होता। फिलहाल गोली चलने से कोई बड़ी घटना नहीं हुई लेकिन इस समय काशीराम कालोनी के निवासी दहशत में हैं।

बीते दिन इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी पुलिस कालोनी में न तो दोबारा झांकने गयी और न ही चौकी पर कोई सक्रियता नजर आयी वल्कि चौकी का शटर बंद ही रहा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि चौकी कभी-कभी ही खुलती है और सिपाही भी कभी-कभी कालोनी में गश्त कर जाते हैं। वैसे अक्सर चौकी बंद ही रहती है। फिलहाल घटना होने के बाद चौकी में एक होमगार्ड तक को तैनात करने की जहमत मऊदरवाजा थाना पुलिस ने नहीं उठायी। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस मौके पर होती तो फायरिंग की घटना नहीं होती।

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