फर्रुखाबाद:(राजेपुर) केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार मिलकर स्वच्छ भारत अभियान और गांव से शहर तक इज्जत घर बनवाने को लेकर पूरा प्रयास कर रही है| सरकार का यह भी मानना है कि गांव की गली हो या शहर की सड़क पूरी स्वच्छ और साफ होनी चाहिए| लेकिन सरकारों के इस सपने को साकार करने की जिम्मेदारी देश की सबसे छोटी पंचायत ग्राम सभा के प्रधान की होती है| लेकिन सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किस तरह से किया जाता है इसका नजारा तस्वीरों में ही आप देख सकते हैं| कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त कई जगह तो सरकारी बजट को दीमक की तरह फाइलों में ही चट कर दिया जा रहा है| भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर आई योगी सरकार का 10 माह पूर्व होने के बाद अभी तक इसका कितना असर ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है यह जानने के लिए जब जेेंएनआई टीम ने एक गांव का दौरा किया तो यह साफ नजर आया कि सरकार के मंसूबों को गांव के प्रधान व सचिव मिलकर किस तरीके से पलीता लगा रहे हैं|अपने खास को सरकारी योजनाओं का लाभ लालीपाप की तरह चटाया जा रहा है| जो उनके खेमे का नही है उसे खुर्चन तक नसीब नही हो रही|
विकासखंड राजेपुर की ग्राम पंचायत गाजीपुर के ग्राम रामदास पुत्र संजू,फूलवती पत्नी राजकिशोर,मुन्नी पत्नी राज किशोर, राजवीर पुत्र मनीराम,रामवती पत्नी मनीराम सहित कई ग्रामीणों के प्रधान ने इज्जत घर तो बना दिये लेकिन उनमें शौच कैसे जाया जाये यह फॉर्मूला प्रधान ने अभी तक नहीं दिया| शौचालयों में न ही सीट रखी गई और ना ही टैंक बने ग्रामीणों ने उनका प्रयोग मजबूरन कंडा और लकड़ी भरने में कर लिया| वही गांव की महिला शैफाली पत्नी बेदराम जो 8 माह की गर्भवती है इस दौरान वह खेतों में शौच जाने पर मजबूर है| लेकिन प्रधान व सचिव को महिला कहीं से भी पात्र नजर नहीं आयी| कुछ ग्रामीणों ने यहां तक आरोप लगाया है की प्रधान द्वारा बैंक से 12000 रूपये हम लोगों के हस्ताक्षर से निकलवा लिए गये और 200 रूपये देकर टरका दिया गया| शौचालय में प्रधान ने केवल 4000 रूपये लगाकर छोड़ दिया| जिससे इज्जत घर अपूर्ण है| बिटाना पत्नी रामनाथ,वेदराम पुत्र शहजादे,रामवती पत्नी सियाराम को भी पात्र होने के बाद अभी तक शौचालय या इज्जत घर उपलब्ध नहीं हो सका| किस तरह से प्रधान और सचिव ने भोले-भाले ग्रामीणों को बरगलाकर उनके हक पर डाका डालने का प्रयास किया है यह आरोप खुद ग्रामीण लगा रहे है|


अगर ग्रामीणों का आरोप सही है तो कार्यवाही तो बनती है|प्रधान रिंकू का कहना है कि बहुत जल्द अधूरे शौचालय पूर्ण करा दिए जाएंगे महिला शैफाली का नाम जल्द पात्रों को सूची में शामिल कर शौचालय उपलब्ध होंगा| लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सूची में क्या अभी तक शैफाली व अन्य पात्र नहीं थे| मीडिया में मामला आने पर प्रधान सफाई देने पर मजबूर है और आरोपों का खंडन कर रहे है| एसडीएम बसंत कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जाँच करायी जायेगी| (शिवा दुबे राजेपुर)
प्रधान ने घोट दिया सरकार के सपनों का गला
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