पौने दो लाख शिक्षा मित्रों का भविष्य फिर अधर में

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फर्रुखाबाद, 16 फरवरीः पदेश में विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों का भविष्य एक बार फिर अधर में लटक गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने उनके स्थायीकरण के सवाल के जवाब में साफ कर दिया है कि शिक्षा मित्रों को नियमित किये जाने की कोई योजना नहीं है।

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विधान सभा में प्रश्न काल के दौरान विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और सुरेश खन्ना के सवाल के लिखित जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री धर्म सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया कि कि शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षकों की भांति वेतन भत्ता तथा अन्य सुविधाएं देने की अभी कोई नीति निर्धारित नहीं है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में 1 लाख 77 हजार 475 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। शिक्षा मित्रों के लखनऊ में हुए प्रदेश स्तरीय आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को स्थायी करने का भरोसा दिया था। स्नातक शिक्षा मित्रों के विषय में विवरण भी जनपदों से मांगा गया था। इस बाबत कई बैठकों के बाद शासन में सहमति भी बन गई थी। परंतु मंगलवार को विधानसभा में बेसिक शिक्षा मंत्री ने यह कहकर चौंका दिया कि शिक्षामित्रों को स्थायी करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान के बाद से शिक्षा मित्र अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

शिक्षा मित्र संघ के मंडल अध्यक्ष ओमवीर यादव ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाल आला ने आपात बैठक बलाई है। विचार विमर्श के उपरांत आगे की रणनीति बनायी जायेगी।

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