पूर्व SOG प्रभारी शहीद रामराज यादव के सपने को लेडी सिंघम बन पूरा कर रही तारावती

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वाराणसी/फर्रुखाबाद: फूल बने अंगारे, अंधा कानून, तेजस्वनी, सिंघम, राउडी राठौर जैसी फिल्मे इमानदार पुलिस अफसरों पर बनायीं गयी हैं। हम एक ऐसे महिला पुलिस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कहानी बिल्कुल फिल्मी है, लेकिन हकीकत है। वाराणसी के नाटी इमली पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर पद पर तैनात तारावती यादव को इलाके के लोग महिला सिंघम के नाम से पुकारते हैं। ऐसा ही खौफ उनके शहीद पति का फर्रुखाबाद और कन्नौज इलाके में हुआ करता था|
Tarawati w-o Ramraj yadav
बताते चले कि तारावती के पति राम राज यादव 2006 में फरुखाबाद में पुलिस की स्पेशल आपरेशन ग्रुप टीम के इंचार्ज थे| 16 सितम्बर 2006 को राम राज यादव की मुठभेड़ बदमाशो से हुई थी। रामराज इनामी बदमाश को पकड़ने गए थे| इसी दौरान ऑपरेशन की सूचना उनके के ही विभाग के कुछ गद्दारों द्वारा लीक हो जाने के कारण वे बदमाशो की गोली का शिकार हो गए| दो बच्चों की मां तारावती यादव ने उसी समय कसम खायी की पति के सपने को वो साकार करेंगी। वर्दी पहन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएंगी।
Tarawati
उस समय हादसे ने तारावती को तोड़ दिया था। दो छोटे छोटे बच्चों बिना पिता के जीवन काटना था। सन् 2010 में तारावती के पास सरकार से ऑफर आया कि वह या तो गैस एजेंसी ले लें या फिर विभागीय नौकरी। तारावती ने तुरंत पति की तस्वीर को आंखों में उतार कर वर्दी पहनने की ठान ली।
TARAWATI_Police_mahila_singham
नाटी इमली पुलिस स्टेशन प्रभारी तारावती बताती हैं कि वह वक्त बहुत कठिन था। बच्चों की जिम्मेदारी, पारिवारिक विरोध और पुलिस की नौकरी, समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। ट्रेनिग के बाद बनारस में पोस्टिंग हुई। शुरूआती दिनों में काफी दिक्कते हुईं। अपराधियों का मास्टर प्लान समझ में नहीं आता था, लेकिन जूनून था कि उनकों दबोचकर सलाखों के पीछे डालना है। उनकों पुलिस के किरदारों वाली फिल्मे बहुत पसंद हैं।

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सिंघम, राऊडी राठौर और दबंग जैसी फिल्मे उन्होंने कई बार देखी हैं। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर तारावती बहुत चिंतित रहती हैं। सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ हाजिर हो जाती हैं। जिले में महिलाये और लडकियां भी तारावती को महिला सिंघम कहकर पुकारती हैं।
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बताते चलें कि 2010 में उनका पुलिस इंस्पेक्टर बनने का सपना पूरा हुआ। अब इलाके के बड़े से बड़े अपराधी भी इनके कार्यवाही से खौफ खाता है। उन्होंने तीन दर्जन से ऊपर गुड वर्क किये हैं।
इसमें मुख्य रूप से पान के पिक को लेकर किया गया हत्याकांड, सेक्स रैकेट, बांग्लादेश में नकली शिरप सप्लाई का भंडाफोड़ शामिल है।
चेतगंज थाना प्रभारी राज मोहन बताते हैं कि तारावती पुलिस के कई सीक्रेट आपरेशनों में सटीक भूमिका निभाती हैं। महिला होकर अपराधियों से लोहा लेना गर्व की बात है। कई बड़े-बड़े मामले इन्होने अपने दम पर खोले हैं। महिलाएं और लड़कियां इनको बहुत पसंद करती हैं।
इनके पर्सनल नम्बर पर लोग निर्भीक होकर कम्प्लेन करते हैं। छात्रा पारुल बताती हैं कि कालेज के बाहर जो सोहदे चक्कर काटते थे वो महिला सिंघम की वजह भाग खड़े हुए हैं।
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