पूर्व प्रधान जान लेवा हमले में दोष सिद्ध

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अपर जिला जज प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने जान लेवा हमले के मुकदमे में पूर्व प्रधान को दोषी करार दिया है। न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। 25 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। मुकदमे में दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पृथ्वी दरवाजा निवासी टाकीज मालिक अशोक कुमार अग्रवाल 7 जून 2018 को अपनी टाकीज के परिसर में खड़े थे। वह दुकान को तुड़वा रहे थे। तभी ग्राम पंचायत नरैनामऊ के प्रधान उलियापुर निवासी विपुल कुमार उर्फ पपला वहां आया और गाली गलौज करने लगा। प्रधान ने कहा कि किसके कहने पर दुकान तुड़वा रहे हैं। विपुल ने मजदूरों को भगा दिया और दुकान में अपना ताला डाल कर चला गया। दूसरे दिन दिन में 11 बजे पूर्व प्रधान अन्य लोगों के साथ असलहा लेकर दरवाजे पर आए और गाली गलौज कर फायरिंग करने लगे। इससे घर के बाहर खड़े गांव के रामनरेश व सब्जी बेच रहा बालक विशाल के गोली लग गई। इससे दोनों घायल हो गए। हमलावर धमकी देकर भाग गए। अशोक कुमार अग्रवाल और रामनरेश ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूर्व प्रधान विपुल कुमार उर्फ पपला और गांव घिया चिलौली निवासी नटवर उर्फ सुधीर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपिका कटियार, तेज सिंह राजपूत, अनिल कुमार बाजपेई ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी नटवर उर्फ सुधीर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। पूर्व प्रधान विपुल कुमार उर्फ पपला को जान लेवा हमला में दोषी करार दिया है। न्यायिक अभिरक्षा में लेकर उसको जेल दिया। 25 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।

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