मर्दों की राय पर भड़के महिला संगठन, सड़कों पर उतरने को तैयार

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फर्रुखाबाद: देश में लगातार हो रहीं बलात्कार की घटनाओं पर प्रतिक्रिया जानने के लिए शहर के व्यापार मण्डल सहित अन्य कई वरिष्ठ व्यक्तियों के बयान (मर्दों की राय: बलात्‍कार की बढ़ती घटनाओं के पीछे, महिलाओं के छोटे होते कपड़े)जेएनआई में प्रकाशित किये थे। जिसमें पुरुषों ने बलात्कार की जिम्मेदार खुद महिलाओं को ही बताया था। जिसमें कहा गया था कि महिलायें भड़काऊ कपड़े पहनतीं हैं। जिससे देश में बलात्कार की घटनायें बढ़ रहीं हैं। पुरुषों के इस बयान पर जनपद की महिला संगठन की नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ संगठन तो इस बावत सड़कों पर उतरकर विरोध करने को आमादा दिख रहे हैं।

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बीते दिन व्यापार मण्डल के प्रदेश मंत्री अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ के अलावा भाजपा नेता संजय गर्ग, संस्कार भारती के सदस्य निमिष टन्डन, विक्की सरदार, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुन्नी शुक्ला, अपटेक कम्प्यूटर के संचालक शैलेन्द्र दुबे व व्यापार मण्डल के मनोज मिश्रा सहित कई लोगों के वयान प्रकाशित किये गये थे। जिसमें पुरुषों ने महिलाओं को बलात्कार की घटनाओं का मुख्य जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि वर्तमान समय में महिलायें जिस तरह के कपड़े पहनकर अंग प्रदर्शन कर रहीं हैं यही बलात्कार की मुख्य बजह है। जब तक महिलाओं के कपड़ों से अश्लीलता खत्म नहीं होगी तब तक देश में बलात्कार की घटनाओं को रोकना असंभव है। सामूहिक रूप से छपे वयान पर जनपद की महिला संगठन उग्र हो गयीं हैं। इस वयान से महिला संगठनों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

पूर्व पालिकाध्‍यक्ष व भाजपा की प्रदेश कोषाध्यक्ष मिथलेश अग्रवाल ने पुरुषों के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पुरुषों को भी संस्कारी होने की आवश्यकता है। पुरुष के अंदर अगर अच्छे संस्कार हैं तो वह हर महिला को इज्जत की नजर से देखेगा, फिर चाहे वह कपड़े किसी तरह के पहने हो। उन्होंने बलात्कार की मुख्य जिम्मेदार पुरुषों को ही ठहराया।

भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुमन राठौर ने भी कहा कि अगर पुरुष हर स्त्री में अपनी मां बहन को देखते हैं तो इस तरह की घटनायें होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने पुरुषों की प्रतिक्रिया की तीखी निंदा की और कहा कि पुरुषों के घर में मां बहनें चाहें किसी भी प्रकार के वस्त्र क्यों न पहनें लेकिन पुरुषों के अंदर गलत भावना पैदा क्यों नहीं होती। यही भावना पुरुषों को हर स्त्री के लिए रखनी चाहिए। पुरुष महिलाओं को दोषी ठहराना छोड़ दें और अपने अंदर झांक कर देखें।

गुलाबी गैंग की कमांडर अंजली यादव भी पुरुषों के बयान पर उग्र दिखीं। उन्होंने कहा कि अगर भड़काऊ कपड़े पहनने से बलात्कार होते हैं तो फिर तीन साल व पांच साल की बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनायें कैसे हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष जब हवसी हो जाता है तो वह अपनी इच्छा पूर्ति के लिए महिला को बलात्कार का शिकार बना लेता है। उन्होंने पुरुषों के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया के साथ कहा कि गुलाबी गैंग इसकी घोर निंदा करती है और इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगा।

महिला नेत्री सुलक्षणा सिंह ने भी इस सम्बंध में अपनी उग्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुरुषों को महिलाओं पर इस तरह के लांक्षन लगाने का कोई हक नहीं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों छिबरामऊ क्षेत्र में एक ग्रामीण महिला के साथ ट्रक चालकों ने बलात्कार की घटना को अंजाम दे दिया था। वह महिला कौन से भड़काऊ कपड़े पहने थी। उन्होंने कहा कि नये दौर में आधुनिक मोबाइल के द्वारा युवा ब्लू पिक्चरों के माध्यम से अपने अंदर सेक्स की भूख पैदा करके महिलाओं को शिकार बना रहे हैं। जिस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलायें इसकी घोर निंदा करतीं हैं और इसका विरोध भी सड़कों पर करेंगीं।

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