पीएम की अपील पर शिक्षकों ने अपनाई साइकिल यात्रा, जनप्रतिनिधियों से भी त्याग की मांग

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर जिले के शिक्षकों पर दिखाई दिया। कई शिक्षक गुरुवार को अपने घरों से स्कूल तक साइकिल से पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।अटेवा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह जाटव ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि शिक्षक समाज सरकार की जनहितकारी अपीलों का समर्थन करता है। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दी जाए, ताकि उनकी नौकरी सुरक्षित रह सके और मानसिक तनाव कम हो।उन्होंने कहा कि देश में करीब 90 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। साथ ही कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।नरेंद्र सिंह जाटव ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि भी देशहित में एक वर्ष के लिए वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाओं का त्याग करें तो सरकार को हजारों करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। उन्होंने बताया कि जिले के कई शिक्षकों ने बाइक और कार का उपयोग छोड़कर साइकिल से विद्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया है।