पांच माह बाद ‘दलित महिला’ को मिली न्याय की आस

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद की मित्र पुलिस दबेकुचले कमजोर लोगों की कानूनी मदद के नाम पर कितनी भी कबायद कर करके का दिखावा करे हकीकत इससे इतर है| जनपद मुख्यालय की कोतवाली फतेहगढ़ में एक दलित महिला के साथ मारपीट का मामला पांच माह बाद अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद पुलिस के सरकारी अभिलेखों में दर्ज हुआ है| कारनामा तो यह है कि पीड़िता से आयोग को दी गयी तहरीर भी बदलवा दी गयी| इस मामले में भवन निर्माण सामिग्री विक्रेता व उसके भा ई के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा पंजीकृत किया गया|
कोतवाली फतेहगढ के मोहल्ला हाथीखाना निवासी रमेश चंद्र जाटव की पत्नी रेशमा देवी नें अपने भवन निर्माण के लिये गत वर्ष 20 दिसंबर 2022 को ईंट मंगायी थी| मोहल्ले के ही भवन निर्माण सामिग्री विक्रेता कृपा शंकर व उसके भाई अर्जुन पाल नें गली के सामने ही गली के सामने ईंटे उतरवाने पर एतराज जताते हुए गाली-गलौज किया| मौके पर मौजूद रेशमा देवी नें विरोध जताया तो आरोपियों नें जाति सूचक गाली-गलौज करते हुए ईंट व डंडे से हमला कर दिया जिससे उनके दायें हाथ में गंभीर चोट आयी| मामला यहीं नही थमा आरोपियों नें ईटों को भी इधर-उधर फेंक दिया| शिकायत जब कोतवाली पुलिस से की गयी तो आरोपियों के करीबी एक कोतवाल की सिफारिश पर जाँच करनें वाले दारोगा नें कार्यवाही के नाम पर पीड़िता के बेटे व विपक्षी के खिलाफ निरोधात्मक कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा कर दिया| मजबूर पीड़िता रेशमा देवी नें हार नही मानी और मामले की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली व लखनऊ में प्रकरण के सम्बन्ध में शिकायत कर न्याय की गुहार लगायी| आयोग के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी नगर प्रदीप कुमार नें मामले की जाँच की और फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करनें के आदेश दिये| पीड़ित रेशमा देवी नें बताया कि शुक्रवार को कोतवाली पुलिस नें पूर्व में दी गयी तहरीर के स्थान पर दूसरी तहरीर लिखाकर आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली|

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