पहल: डॉक्टर कितनी दूर तक चल सकेंगे अन्ना के साथ?

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फर्रुखाबाद: अन्ना हजारे के समर्थन में फर्रुखाबाद के डॉक्टर इंडियन मेडिकल एसोशियेशन “आईएमए” के बैनर तले इक्कठे हुए और अन्ना के समर्थन में अपना जोश दिखाया| सेवा के इस बड़े क्षेत्र में जीवन बचाने का काम होता है| जीवन और मौत के बीच फसे इंसान को डॉक्टर किसी भगवन से कम नहीं लगता| और ये समयावेश भगवान फर्रुखाबाद के डॉक्टर भी अन्ना के साथ दिखे| अब जबकि अन्ना का अनशन तो ख़त्म हो गया और अन्ना का आन्दोलन जारी है तब ये सवाल शुरू होता है कि इस जनपद के डॉक्टर कितनी दूर तक चल सकेंगे अन्ना के साथ|

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क्या 28 अगस्त 2011 के एतिहासिक दिन से फर्रुखाबाद के डॉक्टर नीचे लिखी बातो को सम्मान देकर अपने को अन्ना के साथ होने का दावा करेंगे|

१- दवा कम्पनी के भारी कमीशन के लालच में महगी और बेकार की दबाई मरीजो को नहीं लिखेंगे|
२- क्या किसी गरीब के जेब में पैसे ख़त्म होने पर उसका इलाज करेंगे|
३- क्या किसी गरीब के सम्बन्धी की मौत के बाद जब उसके पास अस्पताल का बड़ा बिल भुगतान के पैसे नहीं होंगे तब डॉक्टर लाश को भुगतान के चक्कर में बंधक नहीं बनायेंगे|
४- क्या अपने अस्पताल या नर्सिंग होम को चलाने भर के लिए आयर खर्च के अलावा कोई अतिरिक्त धन मरीजो से नहीं लेंगे| ऐसा इसलिए क्यूंकि ज्यादातर आप लोग सेवा के क्षेत्र में एनजीओ बनाकर ये काम कर रहे है और एनजीओ के मतलब व्यापारिक प्रतिष्ठान कतई नहीं है| आयकर में छूट लेने का अधिकार केवल सेवा कार्य से है व्यापार करने में कोई आयकर छूट नहीं मिलती ये देश की संवैधानिक व्यवस्था है|

इसी प्रकार कई अन्य बाते है तो उन्हें सेवा करने से जोडती है|

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