लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को विभागीय स्तर पर बजट व्यय की समीक्षा का निर्देश दिया है। और साफ कहा है कि जिन विभागों में अब तक 55 प्रतिशत से कम खर्च हुआ है वहां संबंधित मंत्री खुद विभागीय स्थिति की समीक्षा करें।मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट आवंटन और व्यय की समीक्षा के दौरान जनहित के विकास कार्यों में तेजी लाने, परियोजनाओं की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित के निर्देश दिए और कहा कि जनहित के लिए बजट की कमी नहीं है परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री के दिए निर्देश:
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित किए जाने की कार्रवाई तेज करें। टैबलेट-स्मार्टफोन में सरकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
आत्मनिर्भर नगर पंचायत और आत्मनिर्भर जिला पंचायत के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। पंचायतों को आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रावासों का मेंटेनेंस कराया जाए।
मेडिकल कॉलेजों में लगाए जा रहे उपकरणों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो। खराब उपकरणों की आपूर्ति पर जवाबदेही तय की जाए।किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी|
कृषि और सहकारिता विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करें कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो और सभी किसानों को यह आसानी से मिल जाए। यह सुनिश्चित करें कि खाद की कालाबाजारी न हो। जिससे खाद किसान भाइयो को सहूलियत से मिलना सुनिचित हो|
परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता करे सुनिश्चित,बजट की कोई कमी नहीं
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