फर्रुखाबाद: इस्लाम धर्म के मानने के लिए पवित्र व नेक रमजानुल मुबारक महीने का विशेष महत्व है। इस माह लोग रोजा रहने के साथ पांच वक्त का नमाज भी पढ़ते हैं। जो उनके गुनाहों से निजात दिलाने का सबसे बड़ा रास्ता है। अल्लाह इन महीने में अपने बंदों के गुनाहों से तौबा के दरवाजे खोल देता है।
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यह महीना सभी महीनों से अफजल है। क्योंकि इस महीनें को अल्लाह ने अपना महीना बताया है और इसी महीने में कुरआन आया। साथ ही इन्होनें कहा कि रोजा का मतलब केवल भूखा रहना नहीं हैं बल्कि वह सभी कार्य वर्जित हैं जो कुरआन के खिलाफ हो। इस माह में एक नेकी के बदले सत्तर नेकी मिलती है। इस नेक महीने का पहला रोजा सोमवार से शुरू हो रहा है।[bannergarden id=”8″] [bannergarden id=”11″]
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