‘नागिन’ के रूप में आकर, पति के गले लग जाती

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मथुरा। जिले के अगरयाला गांव में 21वीं सदी में भी एक नागिन अपने पूर्व जन्म के पति से मिलने के लिए नौवीं बार आई। और उसके गले से लिपट गई। नागिन के अपने पति के पास 36 से 48 घंटे तक रहने की संभावना है।

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अगरयाला गांव की लोहरी नामक महिला ने बताया कि उसने आज सपने में देखा कि उसके चारों ओर नाग ही नाग हैं। डरकर वह उठकर सीधे गांव के उस मंदिर में पहुंची जहां हर वर्ष नाग पंचमी के एक दिन पूर्व नागिन आती है।

महिला ने बताया कि मन्दिर की परिक्रमा के बाद जब उसने मन्दिर का दरवाजा खोला तो उसे वहां नागिन दिखाई दी। नागिन गांव के लक्ष्मण नामक युवक के घर गयी और उससे लिपट गई। समाचार मिलने तक नागिन लक्ष्मण के गले से लिपटी हुई थी।

उधर इस अजूबे चमत्कार को देखने के लिए गांव में न केवल आसपास के लोगों का मेला लग गया है बल्कि दूर दराज से भी लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए अगरयाला गांव पहुंच रहे हैं।

परिवारीजनों के अनुसर लक्ष्मण का जन्म अगरयाला गांव में शंकर महाशय के यहां हुआ था। लक्ष्मण के परिजनों का कहना है कि जब लक्ष्मण सात माह का था तो नागिन उसके सीने पर आकर बैठी थी। पर उसने काटा नहीं।

लक्ष्मण का विवाह जब मथुरा के ही गांव मौरा में सूरजमल की पुत्री गंगा से हुआ तो नागिन उसे डसने लगी। नागिन ने उसे सात बार डसा पर वायगीरों (वैद्य) ने उसे ठीक कर दिया। इधर लक्ष्मण को सपने में नागिन दिखाई देने लगी। उसके परिजनों ने उसका इलाज तांत्रिकों से कराना शुरू कर दिया। ढाक भी बजवाई गई तो नागिन ने बताया कि वह पूर्व जन्म की लक्ष्मण की पत्नी है।

नागिन ने कहा कि वह लक्ष्मण के पास हमेशा रहना चाहती है, इसलिए गांव में एक मंदिर बनावाया जाए। उसने यह भी कहा कि वह प्रत्येक नागपंचमी को लक्ष्मण से मिलने आया करेगी।

पिछले आठ साल से वह नागपंचमी के एक दिन पहले आती है। लक्ष्मण से लिपटकर रहती है। नागपंचमी के अगले दिन वह चली जाती है। इसी घटना की पुनरावृत्ति हुई है। गांव में मेले में भीड़ बढ़ती ही जा रही है।

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