नरेगा के घोटालेबाजों के लिये नये डीएम खतरे की घंटी

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फर्रुखाबाद 24 फरवरीः अपनी कार्यशैली और प्रयोगधर्मिता के लिये जाने जाने वाले जनपद के नये जिलाधिकारी रि्ग्जियान सैम्फेल नरेगा के घोटालेबाज प्रधानों और अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये खतरे की घंटी साबित हो सकते है। श्री सैम्फेल के शनिवार को यहां पहुंचने की संभावना है।

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जनपद बहराइच में लगभग एक वर्ष से तैनात श्री सैम्फेल को नरेगा के अंतर्गत कंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्रालय से पुरस्कृत भी किया जा चुका है। प्रदेश की आईएएस लाबी में अपनी प्रयो्गधर्मिता के लिये मशहुर श्री सैम्फेल ने जनपद बहराइच में बाढ़ के  दौरान राहत कार्यों की सफलता के लिये भी चर्चा में रह चुके हैं।

2003 बैच के आईएएस अधिकारी श्री सैम्फेल लददाख के एक शाही परिवार से सम्बंध रखते है। अनुसूचित जनजाति वर्ग से आये 36 वर्षीय श्री सैम्फेल दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए कर चुके हैं। गरीबों के उत्थान के प्रति विशेष निष्ठा रखने वाले श्री सैम्फेल दिन में 16 घंटे काम करते  है। जनता से सीधा संपर्क रखने में विश्वास रखने वाले श्री सैम्फेल को “दि इकानामिस्ट” समाचारपत्र विश्व का सर्वाधिक कर्मठ नौकरशाह का खिताब दे चुका है।

राशन कोटेदारों की कालाबाजारी को रोकने के लिये श्री सैम्फेल ने ही एसएमएस तकनीक का प्रयोग शुरू किया था जिसे बाद में खाद्य विभाग ने अपनाया तो परंतु लागू नहीं कर पायी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ऊंचाई पर हैंडपम्प लगाने का नया माडल इजाद किया जिसे शासन स्तर पर काफी सराहा गया।

यह अलग बात है कि श्री सैम्फेल भी विगत सप्ताह मायावती के दौरे के बाद ही हटाये जा रहे हैं। परंतु  उनकी कार्यशैली नरेबा के घोटालेबाजों के लिये खतरे की घंटी जरुर साबित हो  सकती है। फर्जी मस्टर रोल से लेकर मजदूरी में मनमानी तक की शिकायतों की भरमार है।

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