नई तकनीक से मिलेगा कार का मईलेज 100 किलोमीटर प्रति लीटर

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जल्द ही आपकी गाड़ी एक लीटर पेट्रोल में सौ किलोमीटर या उससे अधिक का माइलेज देगी। यह मुमकिन हो सकेग रेंज एक्सटेंडर तकनीक से। इस तकनीक में इंजन का काम गाड़ी को चलाना नहीं बल्कि बैटरी को चार्ज करना होता है । गाड़ी को चलाने का काम करती है बैटरी। इस तकनीक पर सुजुकी ने जापान में काम शुरू कर दिया है ।

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तेल की बढ़ती कीमत के चलते सभी ऑटोमोबाइल् कंपनियां विकल्पों पर विचार कर रही हैं । कंपनियां हाइब्रिड गाड़ियों को भविष्य की गाड़ियां मान रही हैं । पर इनके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में काफी वक्त लगेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस तकनीक का प्रयोग दिल्ली की सड़कों पर इसका परीक्षण हो रहा  है ।

बहरहाल, मारुति ने बीच का रास्ता निकाला है । कंपनी स्विफ्ट में रेंज एक्सटेंडर तकनीक का प्रयोग कर इसे भारतीय सड़कों पर टेस्ट कर रही है । इसमें 660 सीसी के इंजन का प्रयोग किया गया है । कंपनी के मैनेजिंग गी 100 किल् एक्जीक्यूटिव ऑफिसर , इंजीनियरिंग आई वी राव ने बताया कि इस तकनीक में इंजन का काम सिर्फ बैटरी को चार्ज करना होता है । इससे इंजन पर लोड भी काफी कम हो जाएगा।

तेल की खपत के संदर्भ में बात करें तो माइलेज 4-5 गुना बढ़ जाएगा। लोमीटर का हमने वोल्ट को इस बार दिल्ली के ऑटो शो में पेश किया। उम्मीद है कि जल्द ही इसे भारतीय बाजार में उतारा जाएगा। अविषेक दत्ता, जीएम के डिप्टी मैनेजर , कारपोरेट कम्युनिकेशन माइलेज रेंज एक्सटेंडर तकनीक जैसे ही बैटरी डिस्चार्ज होने लगती है , गाड़ी में लगा इंजन बैटरी को चार्ज करने लगता है । बैटरी चार्ज होते ही इंजन खुद बंद हो जाता है । क्या हैं फायदे दुनिया की सबसे अधिक फ्यूल एफिशिएंट तकनीक है । बैटरी के कारण प्रदूषण न के बराबर होता है । विशेषज्ञों के मुताबिक इसका प्रयोग पहली बार जनरल मोटर्स ने किया। इसपर आधारित वोल्ट कार यूरोप के बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर रही है ।

 

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