दुर्घटना में ट्रेन ड्राईवर की गर्दन कटने से बाल-बाल बची

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फर्रुखाबाद: एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राईवर जीतसिंह की गर्दन बस दुर्घटना में कटने से बाल-बाल बच गई| जब प्राईवेट बस गोंडा के इंजन नंबर १८८२९ से टकराई उस समय ट्रेन ड्राईवर जीतसिंह बस को आता देख होर्न को तेजी से बजाया और इंजन से गर्दन बाहर निकालकर ड्राईवर को रुकने की इशारा भी किया| उसी समय बस के टकरा जाने के अंदेशे के कारण ड्राईवर ने गरदन को इंजन के अन्दर कर लिया| इसके बावजूद भी क्षतिग्रस्त बस के लोहे की पत्ती ड्राईवर के सर में लगी जिससे सर से खून रिसने लगा|

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ड्राईवर जीतसिंह ने सर में कपड़ा बांधकर प्राथमिक उपचार किया| ड्राईवर जीतसिंह ने JNI को बताया कि ईश्वर की कृपा से मेरी गर्दन कटते बाल-बाल बच गई| रेलवे के डाक्टर केएस पाण्डेय ने ड्राईवर व सहायक को मशीन सुंघाकर इस बात को चेक किया कि वह नशे में तो नहीं है| मशीन से क्लीन चिट मिल जाने के बावजूद भी डाक्टर ने दोनों के खून का भी नमूना लिया|

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