दस दिन में एक बार हस्ताक्षर करती हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक

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फर्रुखाबादः कमालगंज ब्लाॅक क्षेत्र के गांव नथुआपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक सप्ताह दस दिन में एक बार स्कूल आकर उपस्थित रजिस्टर में हस्ताक्षर कर देती है और फिर रफूचक्कर हो जाती हैं। लापरवाही और अकर्मण्यता का आलम यह है कि प्रधानाध्यापक अवकाश वाले दिन भी हाजिरी रजिस्टर में अपने दस्तखत बना देती हैं। इससे साफ पता चलता है कि शिक्षकों में उनके विभाग के अधिकारियों का लेशमात्र खौफ नहीं है। यही कारण है कि सहायक अध्यापक एवं शिक्षामित्र भी मौके का फायदा उठाने में पीछे नहीं है।
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जेएनआई टीम के सदस्य शुक्रवार करीब 12 बजे प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां पर प्रभारी प्रधानाध्यापक रिचा सिंह नदारद मिली। शिक्षामित्र अनीता अतिरिक्त कक्षाकक्ष में बच्चों को पढ़ाते मिली। वहीं एक अन्य शिक्षामित्र यदुवीर सिंह गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय गए होने की बात बताई गई। शिक्षामित्र अनीता ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक रोजाना नहीं आती हैं सप्ताह दस दिन में एक बार आकर हाजिरी रजिस्टर पर पिछले भी हस्ताक्षर कर देती हैं। उपस्थित रजिस्टर में रिचा सिंह की छुटटी का प्रार्थना पत्र 25 जनवरी 2014 का मिला।
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जबकि रजिस्टर में 25 जनवरी के स्थान पर रिचा सिंह के हस्ताक्षर अंकित हैं। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि अध्यापक किस कदर मटरगश्ती कर नियमों की अनदेखी करते हुए नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। निकटवर्ती पूर्व माध्यमिक विद्यालय नथुआपुर का भी नजारा लापरवाही और अकर्मण्यता की ओर रेखांकित करता मिला। यहां पर तैनात प्रधानाध्यापक रामादीन, सहायक अध्यापक अवधेश, सहायक अध्यापक अवधेश अग्निहोत्री नदारद मिले। मौजूद प्राथमिक विद्यालय के शिक्षामित्र यदुवीर बैठे मिले। स्कूल में पंजीकृत 36 बच्चों में से एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला।
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युदवीर ने बताया कि प्रधानाध्यापक रामादीन चाभीदेकर कहीं चले गए हैं। मेनगेट का ताला खोलकर बैठ गया हूॅ। इससे साफ परिलक्षित होता है कि अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के प्रति कतई संजीदा नहीं है। उनका साफ कहना है कि हमें तनख्वाह मिलरही है। बच्चे आएं या न आएं पढ़ें या न पढ़े उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। बात भी सही है क्योंकि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने में कतराते हैं। उधर, खण्ड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार वर्मा ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि बाद मंे बताएंगे। लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात को टाल गए।
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