थाना मऊदरवाजा का नया कानून- अवैध असलहो से फायरिंग में शांति भंग की कार्यवाही

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bullet rajaफर्रुखाबाद: इण्डिन पेनल कोड की समीक्षा के लिए आयोग बने न बने| पुलिस सुधार के लिए प्रधानमंत्री की बैठको में मुख्यमंत्री शामिल हो न हो| यूपी में बदलाव की बयार की कोई जरुरत नहीं है| यहाँ कानून खाकी लिखता है| समाजवादी पार्टी की सरकार में इंडियन पेनल कोड की परिभाषा ही यूपी की पुलिस बदलने में लग गयी है| थाना मऊदरवाजा की पुलिस ने जमीनी विवाद की एक घटना में अवैध असलहो से हुई फायरिंग में तमंचो को बरामद कर दफा 25 का मुकदमा लिखने की जगह दोनों पक्षो का शांति भंग की धाराओ में चालान कर काम पैतीस कर लिया|

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मामला मऊ दरवाजा के ग्राम लोहा पानी में ग्रामीण निर्माण कार्य करा रहा था| ग्रामीण अवधेश पुत्र पातीराम यादव ने कमलेश पुत्र अर्जुन के साथ विवाद शुरू कर दिया जिससे दोनों पक्षो में गालीगलौच और मारपीट हुई| दोनों तरफ से तमंचे निकल आये और कई राउंड फायर भी झोक दिए गए| घटना की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुच गयी| और विवाद कर रहे कमलेश और अवधेश को हिरासत में ले लिया| सूत्रो के अनुसार पुलिस ने आरोपियो के पास से बढ़िया किस्म का तमंचा बरामद कर लिया था| लेकिन कार्यवाहक थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार के निर्दश पर अवैध असलहो से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियो पर शांति भंग की धारा में चालान कर तमंचा भविष्य के लिए सुरक्षित रख लिया गया|

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दरोगा इंद्रेश कुमार ने बताया कि फायरिंग की सूचना पर पहुची थी मगर जाँच पड़ताल में फायरिंग की बात सामने नहीं आई|

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